अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित सीजफायर को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। JD Vance ने दावा किया है कि ईरान ने अपना पहला सीजफायर प्रस्ताव ChatGPT की मदद से तैयार किया था। इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव को “कचरे में फेंक दिया” था। अब जेडी वेंस ने बताया कि ईरान ने तीन अलग-अलग वर्जन में प्रस्ताव भेजे थे, जिससे बातचीत के आधार को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
📄 तीन अलग-अलग प्रस्ताव से बढ़ा भ्रम
वेंस ने कहा कि ईरान के तीन प्रस्तावों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि बातचीत किस आधार पर होगी। हालांकि, दोनों देशों के बीच वार्ता 11 अप्रैल से Islamabad में शुरू होने की संभावना है। 8 अप्रैल 2026 को दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा के बाद तेहरान ने दावा किया था कि अमेरिका उनके 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव से सहमत हो गया है। इसमें युद्ध के नुकसान की भरपाई और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति जैसे मुद्दे शामिल थे।
हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
🤖 “पहला ड्राफ्ट ChatGPT से लिखा गया”
एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस ने कहा, “पहला 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव हमें मिला और सच कहूं तो हमें शक है कि इसे ChatGPT ने लिखा था।” उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को तुरंत ही अमेरिकी वार्ता टीम के सदस्यों Steve Witkoff और Jared Kushner ने खारिज कर दिया था।
📑 दूसरा और तीसरा प्रस्ताव
वेंस के अनुसार, दूसरा प्रस्ताव अधिक व्यावहारिक था, क्योंकि यह पाकिस्तान और ईरान के वार्ताकारों के बीच चर्चा के बाद तैयार किया गया था।
जबकि तीसरे प्रस्ताव को उन्होंने “अधिक उग्र” बताया।
⚠️ सीजफायर को लेकर चेतावनी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ईरान से अपील की कि वह दो सप्ताह के युद्धविराम को कमजोर न करे। उन्होंने यह भी कहा कि Lebanon को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया है।
