आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड के शेयरों में आज जोरदार गिरावट देखने को मिली। कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) के कमजोर नतीजों और भविष्य के सुस्त आउटलुक के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर 3% से अधिक टूट गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की आय और डील पाइपलाइन उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिससे बाजार का भरोसा कमजोर पड़ा है।
Q4 रिजल्ट में क्या रहा खास?
विप्रो ने मार्च तिमाही के नतीजों में सीमित राजस्व वृद्धि दर्ज की, जबकि मुनाफे में भी अपेक्षित तेजी नहीं दिखी। कंपनी की IT सर्विसेज आय पर दबाव बना रहा। इसके अलावा कंपनी ने अगले क्वार्टर के लिए जो गाइडेंस दी, वह भी बाजार की उम्मीदों से कमजोर रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, क्लाइंट्स द्वारा टेक खर्च कम करना और यूरोप-अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग कमजोर रहना इसका बड़ा कारण है।
शेयर बाजार में कैसी रही चाल?
कमजोर परिणामों के बाद आज कारोबार के दौरान विप्रो का शेयर 3% से ज्यादा गिरकर निचले स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों ने नतीजों को निराशाजनक मानते हुए मुनाफावसूली की।
हालांकि कुछ ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर शेयर लंबी अवधि के लिए आकर्षक हो सकता है, जबकि कुछ ने फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी है।
ब्रोकरेज कंपनियों की राय बंटी
- कुछ विश्लेषकों ने शेयर पर Hold रेटिंग दी है
- कुछ ने कमजोर ग्रोथ के कारण Reduce या Sell की सलाह दी
- जबकि कुछ का मानना है कि आने वाले समय में AI और डिजिटल सेवाओं से सुधार संभव है
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो कंपनी के ऑर्डर बुक, नए क्लाइंट्स और अगले 2-3 क्वार्टर की ग्रोथ पर नजर रखना जरूरी होगा। अल्पकालिक निवेशकों के लिए शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आईटी सेक्टर पर असर
विप्रो के कमजोर नतीजों से पूरे आईटी सेक्टर पर दबाव बन सकता है। निवेशकों की नजर अब TCS, Infosys और HCL Tech जैसी कंपनियों के प्रदर्शन पर रहेगी।
