AI Boom से ताइवान बना दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार, भारत को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक तेजी के बीच ताइवान ने शेयर बाजार के कुल मूल्यांकन (मार्केट कैपिटलाइजेशन) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) के शेयरों में आए जबरदस्त उछाल ने ताइवान के बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, ताइवान का कुल शेयर बाजार मूल्य बढ़कर 4.95 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है, जबकि भारत का बाजार मूल्य घटकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इसके साथ ही ताइवान अब अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी मार्केट बन गया है।

AI रैली से ताइवान के बाजार में जबरदस्त उछाल

विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर निवेशकों के बढ़ते उत्साह ने टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी तेजी ला दी है। इसका सबसे अधिक फायदा ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग आधारित देशों को मिला है।

ताइवान के बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण TSMC कंपनी है, जिसका स्थानीय स्टॉक इंडेक्स में लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा है। कंपनी के शेयर इस साल करीब 49 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। AI आधारित सर्वर, डेटा सेंटर और एडवांस चिप्स की वैश्विक मांग बढ़ने से TSMC को बड़ा लाभ मिल रहा है।

हाल ही में ताइवान के वित्तीय नियामक ने स्थानीय फंड्स के लिए एकल शेयर में निवेश सीमा को भी बढ़ा दिया है। नए नियमों के तहत अब फंड्स किसी एक बड़ी सूचीबद्ध कंपनी में अपनी नेट एसेट्स का 25 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। पहले यह सीमा 10 प्रतिशत थी। वर्तमान में TSMC ही ऐसी कंपनी है जो इस नई सीमा का सबसे बड़ा लाभ उठा रही है।

भारतीय बाजार पर दबाव क्यों बढ़ा?

दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कंपनियों के मुनाफे में धीमी वृद्धि और AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की सीमित संख्या निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।

भारतीय IT कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा जा रहा है, क्योंकि निवेशकों को डर है कि AI टेक्नोलॉजी मौजूदा बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक संकट ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है।

विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजारों से रिकॉर्ड स्तर पर बिकवाली की है। महंगे वैल्यूएशन और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया है।

भारत की अर्थव्यवस्था अब भी ताइवान से कहीं बड़ी

हालांकि शेयर बाजार के आकार में ताइवान आगे निकल गया है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी ताइवान से काफी बड़ी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार भारत की GDP लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि ताइवान की अर्थव्यवस्था करीब 977 बिलियन डॉलर की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वैश्विक शेयर बाजारों की दिशा तय करेंगे।

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