नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। शेयर बाजार में मजबूत खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में शानदार बढ़त दर्ज की गई। वहीं सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी रही। दूसरी ओर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार विशेषज्ञ इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

सेंसेक्स में 447 अंकों की शानदार बढ़त
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 76,802.90 अंकों पर बंद हुआ था। सोमवार को कारोबार के दौरान यह बढ़कर 77,249.27 अंकों तक पहुंच गया। इस तरह सेंसेक्स में 447 अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। बाजार में खरीदारी का रुख मजबूत रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
निफ्टी भी 135 अंक चढ़ा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी शुक्रवार को 24,013 अंकों पर बंद हुआ था। सोमवार को यह बढ़कर 24,148 अंकों के उच्च स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी में कुल 135 अंकों की तेजी देखने को मिली। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के अधिकांश शेयरों में मजबूती के कारण बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।
सोना-चांदी में जोरदार उछाल
कमोडिटी बाजार में भी तेजी का माहौल रहा। चांदी की कीमत शुक्रवार को 2,33,185 रुपये पर बंद हुई थी, जो सोमवार को बढ़कर 2,37,106 रुपये तक पहुंच गई। यानी एक ही दिन में चांदी में 3,921 रुपये की तेजी दर्ज की गई। बाद में कुछ मुनाफावसूली के चलते चांदी 2,35,377 रुपये के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी, जो अब भी लगभग 2,200 रुपये की बढ़त दर्शाती है।
सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। शुक्रवार को 1,47,203 रुपये पर बंद हुआ सोना सोमवार को बढ़कर 1,47,987 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इस प्रकार सोने में एक दिन में 784 रुपये की बढ़त दर्ज की गई।
कच्चे तेल में गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। फिलहाल क्रूड ऑयल की कीमत 78.81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले स्तर से 1.24 डॉलर कम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं तो आने वाले समय में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है।
डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया भी मजबूती दिखा रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है और फिलहाल 94.53 के स्तर पर बना हुआ है। रुपये की मजबूती आयात लागत को कम करने में मदद कर सकती है, जिससे महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में सहायता मिलेगी।
निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
शेयर बाजार में तेजी, रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले दिनों में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है तथा बाजार में नई ऊंचाइयों का रास्ता खुल सकता है।
