भारत में शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की जुलाई मार्केट पल्स रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 में जहां देश में पंजीकृत निवेशकों की संख्या 2.70 करोड़ थी, वहीं अब यह बढ़कर 13.20 करोड़ हो गई है। यानी आठ साल से भी कम समय में निवेशकों की संख्या लगभग पांच गुना बढ़ गई है।
शेयर बाजार बना कमाई का लोकप्रिय माध्यम
रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में निवेश को आसान बनाने वाली डिजिटल सुविधाओं, ऑनलाइन डीमैट अकाउंट और बढ़ती वित्तीय जागरूकता के कारण बड़ी संख्या में रिटेल निवेशक बाजार से जुड़े हैं।
हालांकि कोविड-19 के बाद जिस तेज़ गति से नए निवेशक जुड़ रहे थे, उसमें अब कुछ धीमापन देखने को मिला है।
हर पांच में से चार निवेशक 2019 के बाद जुड़े
एनएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में पंजीकृत हर पांच निवेशकों में से चार निवेशक वित्त वर्ष 2019 के बाद शेयर बाजार में आए हैं, जो देश में तेजी से बढ़ती निवेश संस्कृति को दर्शाता है।
13 करोड़ निवेशकों तक पहुंचने का सफर
देश में:
- पहले 1 करोड़ निवेशक बनने में लगभग 14 वर्ष लगे।
- दूसरे 1 करोड़ निवेशक जुड़ने में 6 वर्ष लगे।
- जबकि आखिरी 1 करोड़ निवेशक केवल 6 महीनों में जुड़ गए।
इसी तेजी के कारण कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या अब 13 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।
उत्तर भारत में सबसे अधिक नए निवेशक
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 से अब तक सबसे अधिक नए निवेशक उत्तर भारत से जुड़े हैं।
इस अवधि में:
- उत्तर भारत में 4.11 करोड़ नए निवेशक जुड़े।
वहीं राज्यवार आंकड़ों में:
- महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां 2.10 करोड़ पंजीकृत निवेशक हैं।
- देश के कुल निवेशकों में 15.50% हिस्सेदारी अकेले महाराष्ट्र की है।
निवेशकों की संख्या बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की तेज़ वृद्धि के पीछे कई अहम कारण हैं:
- ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की आसान प्रक्रिया।
- डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म का विस्तार।
- वित्तीय साक्षरता और निवेश जागरूकता में वृद्धि।
- शेयर बाजार में लंबे समय तक बेहतर रिटर्न की उम्मीद।
- युवाओं और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी।
नए निवेशकों की रफ्तार हुई थोड़ी धीमी
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में:
- 32.80 लाख नए निवेशक जुड़े।
यह संख्या:
- पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4% कम है।
- वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही की तुलना में 24% कम है।
वर्तमान वित्त वर्ष में औसतन हर महीने:
- 10.90 लाख नए निवेशक जुड़े।
तुलना करें तो:
- वित्त वर्ष 2026 में औसत मासिक वृद्धि 13.50 लाख थी।
- वित्त वर्ष 2025 में यह 17.50 लाख प्रति माह थी।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन वृद्धि की गति पहले की तुलना में कुछ धीमी हुई है।
