LPG नियमों में बड़ा बदलाव, अब PNG कनेक्शन लेने पर भी सरेंडर नहीं करना होगा गैस सिलेंडर

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए LPG सप्लाई और वितरण नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। सरकार ने 25 मई 2026 को “Liquefied Petroleum Gas (Regulation of Supply and Distribution) Amendment Order 2026” को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है।

नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अपने घरों में LPG सिलेंडर छोड़कर PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन अपना रहे हैं या भविष्य में अपनाना चाहते हैं।

पहले के नियमों के अनुसार PNG कनेक्शन लेने के बाद ग्राहकों को अपना LPG कनेक्शन स्थायी रूप से सरेंडर करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा करना जरूरी नहीं होगा।

सरकार क्यों लाई नया नियम?

सरकार का कहना है कि Middle East Crisis के चलते वैश्विक स्तर पर LPG सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से देश में लोगों को PNG कनेक्शन अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम हो सके।

हाल ही में सरकार ने अधिकारियों को PNG कनेक्शन की प्रक्रिया सिर्फ 7 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश भी दिए थे।

अब ग्राहकों को मिलेंगे ये 2 बड़े विकल्प

1. LPG कनेक्शन बंद करने का विकल्प

अगर किसी ग्राहक ने नया PNG कनेक्शन लिया है, तो वह अगले 30 दिनों के भीतर अपनी इच्छा से LPG कनेक्शन बंद कराने के लिए आवेदन कर सकता है।

2. Transfer Voucher का विकल्प

ग्राहक चाहें तो LPG कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करने के बजाय “Transfer Voucher” ले सकते हैं।
इसकी मदद से भविष्य में जरूरत पड़ने पर बिना नई प्रक्रिया के LPG कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराया जा सकेगा।

नौकरी-पेशा और किरायेदारों को बड़ा फायदा

सरकार के अनुसार यह नई व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के कारण बार-बार शहर बदलते रहते हैं।

ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले कर्मचारी, किरायेदार और छात्र अगर भविष्य में ऐसे इलाके में शिफ्ट होते हैं जहां PNG सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वे आसानी से अपना LPG कनेक्शन दोबारा शुरू कर सकेंगे।

समय और पैसे दोनों की होगी बचत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को हर बार नया गैस कनेक्शन लेने की लंबी कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इससे ग्राहकों का समय और पैसा दोनों बचेंगे, साथ ही देश में PNG और LPG सेवाओं के बीच बेहतर डिजिटल और तकनीकी समन्वय भी स्थापित होगा।

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