नई दिल्ली: देशभर में हाल के महीनों में LPG सिलेंडर सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी थी, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने के बाद। अब सरकार इस संकट का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) / पाइपलाइन गैस कनेक्शन का विस्तार किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम हो सकती है।
क्यों बढ़ी LPG संकट की चिंता?
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इनमें से काफी आपूर्ति खाड़ी क्षेत्र से आती है। जब अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होते हैं, तो गैस सप्लाई और कीमतों दोनों पर असर पड़ता है। हाल के संकट में कई शहरों में सिलेंडर डिलीवरी में देरी और व्यावसायिक गैस की कमी की खबरें सामने आई थीं।

सरकार का बड़ा प्लान: पाइपलाइन से गैस सप्लाई
सरकार अब गैस वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए पाइपलाइन नेटवर्क पर जोर दे रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं, जो रिफाइनरी, LPG टर्मिनल और बॉटलिंग प्लांट्स को जोड़ेंगे। इसका मकसद सप्लाई चेन को तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला बनाना है।

किन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिन प्रमुख पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ रहा है, उनमें शामिल हैं:
- चेरलापल्ली – नागपुर
- शिक्रापुर – हुबली – गोवा
- पारादीप – रायपुर
- झांसी – सीतारगंज
इन परियोजनाओं से अलग-अलग क्षेत्रों में गैस आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद है।

PNG क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
PNG यानी Piped Natural Gas घरों तक पाइपलाइन से पहुंचाई जाने वाली गैस है। इसे सिलेंडर की तरह बुक कराने, भरवाने या बदलवाने की जरूरत नहीं होती।
बड़े फायदे:
- सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं
- लगातार गैस सप्लाई
- कई शहरों में मीटर आधारित बिलिंग
- सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था
- लंबी अवधि में किफायती विकल्प

क्या LPG सिलेंडर पूरी तरह बंद हो जाएंगे?
नहीं। फिलहाल LPG सिलेंडर ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और उन जगहों पर जरूरी रहेंगे जहां पाइपलाइन नेटवर्क नहीं पहुंचा है। लेकिन बड़े शहरों और शहरी इलाकों में PNG तेजी से लोकप्रिय हो सकता है।
भारत को कितना फायदा होगा?
अगर पाइपलाइन गैस नेटवर्क तेजी से फैलता है तो:
- LPG आयात पर दबाव कम होगा
- विदेशी संकटों का असर घटेगा
- गैस डिलीवरी लागत कम हो सकती है
- शहरों में सुविधाजनक ईंधन मिलेगा
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी
किन लोगों को पहले मिलेगा लाभ?
संभावना है कि पहले चरण में:
- महानगरों
- औद्योगिक शहरों
- तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों
- नए आवासीय प्रोजेक्ट्स
में PNG नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जाएगा।

क्या अभी आवेदन किया जा सकता है?
कई शहरों में पहले से PNG कनेक्शन उपलब्ध हैं। जहां नेटवर्क मौजूद है, वहां स्थानीय गैस कंपनियों के जरिए आवेदन किया जा सकता है। नए क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से सुविधा शुरू की जा सकती है।
LPG संकट ने भारत को यह समझा दिया है कि केवल सिलेंडर आधारित व्यवस्था पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में पाइपलाइन गैस कनेक्शन भविष्य का बड़ा समाधान बनकर उभर रहा है। अगर योजनाएं समय पर पूरी हुईं, तो आने वाले वर्षों में करोड़ों घरों को सस्ती, आसान और लगातार गैस सप्लाई मिल सकती है।

