मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड्स ने पिछले चार तिमाहियों में 30 कंपनियों के शेयरों में लगातार हिस्सेदारी घटाई है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार में कमजोरी के बावजूद घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने निवेश जारी रखा और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार को सहारा दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चुनिंदा शेयरों में हिस्सेदारी कम करने के बावजूद म्यूचुअल फंड्स ने साल 2026 में अब तक ₹1.57 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश किया है। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इसी अवधि में ₹1.56 लाख करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा कटौती?
लगातार चार तिमाहियों में जिन शेयरों में हिस्सेदारी घटी, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- KNR Constructions
- Concord Enviro Systems
- Nazara Technologies
- GE Vernova T&D India
- Praj Industries
- Gateway Distriparks
- Route Mobile
- Mahindra Holidays & Resorts
- Sterling and Wilson Renewable Energy
इन कंपनियों में म्यूचुअल फंड्स ने अपने पोर्टफोलियो exposure को कम किया।
सबसे ज्यादा हिस्सेदारी किसमें घटी?
KNR Constructions में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी मार्च 2026 तिमाही में घटकर 18.85% रह गई, जो एक साल पहले 27.39% थी।
इसके अलावा:
- Concord Enviro Systems: 15% से घटकर 6.95%
- Nazara Technologies: 9.6% से घटकर 1.64%
बाजार गिरने पर भी क्यों जारी रहा निवेश?
विशेषज्ञों के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स के पास लगातार SIP inflows आते रहे, जिससे उन्हें गिरते बाजार में खरीदारी का मौका मिला। यही वजह है कि घरेलू निवेशकों ने correction के दौरान भी निवेश बढ़ाया।
बाजार का हाल
साल 2026 में अब तक:
- Sensex लगभग 9.1% गिरा
- Nifty करीब 8% कमजोर हुआ
- BSE MidCap 150 लगभग 1% गिरा
- BSE SmallCap 250 करीब 0.5% नीचे रहा
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
यह रिपोर्ट बताती है कि म्यूचुअल फंड्स केवल बाजार की दिशा देखकर निवेश नहीं करते, बल्कि valuation, sector outlook और long-term strategy के आधार पर पोर्टफोलियो बदलते हैं।
म्यूचुअल फंड्स ने 30 शेयरों में हिस्सेदारी घटाई है, लेकिन बाजार में उनकी खरीदारी जारी है। इससे साफ है कि घरेलू निवेशक अब भारतीय बाजार के बड़े सहारे बन चुके हैं। आने वाले महीनों में sector rotation और selective buying का trend जारी रह सकता है।
