रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी रामकी ग्रुप की रियल एस्टेट इकाई Ramky Estates & Farms Ltd (REFL) ने बेंगलुरु में लंबे समय से रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाई है। कंपनी करीब 4.3 मिलियन स्क्वायरफुट के आवासीय प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगी, जो पहले Skylark Builders द्वारा विकसित किए जा रहे थे।
1800 से ज्यादा होमबायर्स को मिलेगा फायदा
इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से करीब 1,881 घर खरीदारों को सीधा फायदा मिलेगा, जो कई सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे थे। Lumina (इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी) और Fortuna (व्हाइटफील्ड) जैसे प्रोजेक्ट्स लंबे समय से अधूरे पड़े थे।
SWAMIH फंड से ₹600 करोड़ की फंडिंग
इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कंपनी ने सरकार समर्थित SWAMIH Investment Fund से करीब ₹600 करोड़ की फंडिंग हासिल की है। यह फंड खास तौर पर रुके हुए मिड-इनकम और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बनाया गया है।
कुल लागत और कमाई का अनुमान
इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में कुल लागत लगभग ₹1500 करोड़ आंकी गई है, जबकि इनकी संभावित कमाई करीब ₹2000 करोड़ तक हो सकती है।
कब तक मिलेंगे घर?
- Lumina प्रोजेक्ट: 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना
- Fortuna प्रोजेक्ट: इसके बाद चरणबद्ध तरीके से डिलीवरी
इन प्रोजेक्ट्स की वर्तमान प्रगति 60% से 75% के बीच बताई गई है।
क्यों रुके थे प्रोजेक्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती लागत, फंडिंग की कमी और कमजोर मांग के कारण कई प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए थे। इससे न सिर्फ खरीदारों का भरोसा प्रभावित हुआ, बल्कि पूरे सेक्टर पर दबाव बढ़ा।
सेक्टर में बढ़ रहा नया ट्रेंड
रामकी ग्रुप का यह कदम एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जहां मजबूत डेवलपर्स कमजोर या फंसे हुए प्रोजेक्ट्स को टेकओवर कर उन्हें पूरा कर रहे हैं। इससे:
- खरीदारों का भरोसा बढ़ता है
- सेक्टर में स्थिरता आती है
- फंसे निवेश को राहत मिलती है
क्या होगा आगे असर?
इस तरह के प्रोजेक्ट रिवाइवल से रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, सरकार और फाइनेंशियल फंड्स की भूमिका भी मजबूत होती दिख रही है, जो भविष्य में और ऐसे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
रामकी ग्रुप का यह कदम न सिर्फ हजारों घर खरीदारों के लिए राहत है, बल्कि यह पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत भी है। रुके हुए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की दिशा में यह एक मजबूत पहल मानी जा रही है।
