दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) लगातार छह हफ्तों की तेजी के बाद अब दबाव में दिखाई दे रही है। अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई के आंकड़े आने, ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं और अमेरिका-चीन वार्ता से कोई बड़ा परिणाम न निकलने के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का मूड कमजोर पड़ा है। इसी वजह से Bitcoin की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 79,000 डॉलर के स्तर तक फिसल गया।
हालांकि, इस बीच क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी ने “Clarity Act” नामक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसे क्रिप्टो सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
Bitcoin की तेजी पर क्यों लगा ब्रेक?
शुक्रवार को बिटकॉइन करीब 2.8% टूटकर 79,105 डॉलर के आसपास पहुंच गया। पिछले छह हफ्तों से Bitcoin लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन इस सप्ताह निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
- अमेरिका में महंगाई दर उम्मीद से अधिक बढ़ना
- फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका
- अमेरिका-चीन बातचीत से बड़े समझौते की कमी
- ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव
- तेल कीमतों में उछाल
उच्च ब्याज दरें आमतौर पर क्रिप्टो जैसी जोखिम वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर शिफ्ट होने लगते हैं।
Clarity Act से Crypto Industry को बड़ी राहत
क्रिप्टो बाजार में गिरावट के बावजूद अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी द्वारा Clarity Act को आगे बढ़ाया जाना इंडस्ट्री के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह बिल अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी और स्टेबलकॉइन के लिए स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रयास है।
सीनेट बैंकिंग कमेटी ने 15-9 वोटों से इस बिल को मंजूरी दी। अब यह बिल आगे सीनेट एग्रीकल्चर कमेटी और फिर फुल सीनेट वोटिंग के लिए जाएगा।
अगर यह कानून बनता है, तो अमेरिका में क्रिप्टो इंडस्ट्री को पहली बार व्यापक कानूनी पहचान और रेगुलेटरी स्पष्टता मिलेगी।
क्या फिर आएगी Bitcoin में बड़ी तेजी?
क्रिप्टो विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार दबाव में जरूर है, लेकिन Clarity Act भविष्य में बड़ी तेजी की नींव रख सकता है।
Nexo Dispatch की विश्लेषक डेसिस्लावा इयानवा के अनुसार, पिछले साल GENIUS Act के दौरान भी शुरुआत में सीमित तेजी देखने को मिली थी, लेकिन बाद में Bitcoin ने ऐतिहासिक ऑल टाइम हाई बनाया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- अगर Clarity Act पूर्ण रूप से पास हो जाता है
- अमेरिका में Crypto Regulation स्पष्ट होती है
- संस्थागत निवेश बढ़ता है
तो आने वाले महीनों में Bitcoin फिर नई ऊंचाई छू सकता है।
ट्रंप-शी जिनपिंग वार्ता का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बैठक से बाजार को बड़े व्यापारिक समझौतों की उम्मीद थी। हालांकि बैठक में AI, ताइवान, व्यापार और ईरान जैसे मुद्दों पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन कोई बड़ा ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
इसी वजह से वैश्विक निवेशकों की धारणा कमजोर बनी रही।
Iran War और Oil Prices का भी असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Strait of Hormuz संकट ने तेल कीमतों को ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। निवेशकों को डर है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है।
ऐसे माहौल में क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अस्थिरता बढ़ना तय माना जा रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशकों की नजर इन बड़े घटनाक्रमों पर रहेगी:
- Clarity Act का फुल सीनेट वोट
- फेडरल रिजर्व की अगली बैठक
- अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता
- ईरान युद्ध की स्थिति
- Bitcoin ETF और संस्थागत निवेश
अगर नियामकीय स्पष्टता मिलती है, तो Bitcoin और बाकी क्रिप्टोकरेंसी में फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
