गुजरात के सूरत स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल (NCH) में स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति और गंदगी को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के औचक निरीक्षण के कुछ दिनों बाद हॉस्पिटल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. धरित्री परमार का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब वडोदरा के सरकारी मेडिकल कॉलेज की डीन नियुक्त किया गया है।
वहीं, न्यू सिविल हॉस्पिटल में चेस्ट एंड टीबी विभाग की प्रमुख डॉ. पारुल वडगामा को अस्पताल का कार्यवाहक मेडिकल सुपरिटेंडेंट बनाया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को जारी आदेश के बाद यह बदलाव लागू किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
दरअसल, 9 मई को स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल का अचानक दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के वार्ड, पोस्टमार्टम रूम, मॉर्ग और अन्य विभागों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी, टूटे हुए फ्लोर टाइल्स, खराब एयर कंडीशनर और मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। मंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत की और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
“मरीजों के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले अधिकांश मरीज गरीब वर्ग से होते हैं और उनके साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“अस्पताल में साफ-सफाई, समय पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। मंत्री का काम रोज अस्पताल की सफाई जांचना नहीं है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि कई शिकायतें मिली थीं कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। सरकार अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।
राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में शुरू हुआ सुधार अभियान
पानशेरिया ने कहा कि सूरत सिविल अस्पताल के दौरे के बाद राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी सफाई और मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में गुजरात के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में अचानक निरीक्षण जारी रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा,
“हम जनता की सेवा के लिए हैं। गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
नई कार्यवाहक सुपरिटेंडेंट ने सुधार का भरोसा दिलाया
न्यू सिविल हॉस्पिटल की नई कार्यवाहक मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा ने कहा कि अस्पताल में कई बड़े सुधार किए जाएंगे। इनमें पोस्टमार्टम रूम का नवीनीकरण, इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाना और अस्पताल की सात इमारतों के बीच बेहतर मरीज परिवहन व्यवस्था शामिल है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। देर से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
गरीब मरीजों के लिए बड़ा संदेश
सरकार की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
