मुंबई : वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और ईरान तनाव में संभावित नरमी की उम्मीद के बीच शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में मजबूत खरीदारी के माहौल का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
बीएसई सेंसेक्स 178.30 अंकों यानी 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,361.66 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 48.15 अंक यानी 0.20 प्रतिशत चढ़कर 23,702.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में सतर्कता
हालांकि बाजार की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और महीने के अंत में डेरिवेटिव एक्सपायरी को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।
बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, भारतीय बाजार फिलहाल सीमित तेजी दिखा सकते हैं, लेकिन सप्ताहांत से पहले बिकवाली का दबाव जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि मई महीने में भी एफपीआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं और यह ट्रेंड फिलहाल बदलता नजर नहीं आ रहा।
एशियाई बाजारों में शानदार तेजी
एशियाई शेयर बाजारों में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स सबसे आगे रहा। यह 2.61 प्रतिशत यानी 1,608 अंकों की छलांग लगाकर 63,293 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.34 प्रतिशत और ताइवान वेटेड इंडेक्स 1.28 प्रतिशत मजबूत हुआ।
सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी सकारात्मक दायरे में कारोबार करते दिखाई दिए।
ईरान संकट और AI बूम का असर
अजय बग्गा ने कहा कि वैश्विक बाजार इस समय बेहद संवेदनशील दौर में हैं। एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर की तेजी बाजारों को ऊपर ले जा रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि जापान की कोर महंगाई उम्मीद से कम रहने से एशियाई बाजारों को राहत मिली है, क्योंकि इससे बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर बढ़ोतरी टल सकती है।
कच्चे तेल में तेजी, सोना हुआ कमजोर
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.54 प्रतिशत बढ़कर 104.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि क्रूड ऑयल 97.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में 0.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,528.87 डॉलर पर पहुंच गया।
ट्रंप के बयान से बाजार को राहत
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी माना जा रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए कि ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई को टाला जा सकता है और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, ईरान के सुप्रीम लीडर ने यूरेनियम निर्यात पर अमेरिका की मांग को खारिज कर दिया है। इसके बावजूद निवेशक फिलहाल युद्ध टलने की उम्मीद में बाजार में खरीदारी कर रहे हैं।
UAE की नई पाइपलाइन से भारत को दीर्घकालिक फायदा
अजय बग्गा ने बताया कि अबू धाबी ने नई तेल पाइपलाइन परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। यह पाइपलाइन 2027 तक तैयार हो सकती है, जिससे यूएई का तेल निर्यात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कम निर्भर होगा। इसका लंबे समय में भारत को बड़ा फायदा मिलेगा क्योंकि भारतीय रिफाइनरियां खाड़ी क्षेत्र के काफी करीब हैं।
रुपया भी मजबूत हुआ
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मामूली मजबूती के साथ 96.23 पर पहुंच गया, जिसमें 0.06 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
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