अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत IBSA और BRICS देशों ने कड़ा विरोध जताया है। इन देशों ने एकतरफा तरीके से लगाए गए शुल्क पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि टैरिफ का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार के तौर पर नहीं होना चाहिए।
जयशंकर ने IBSA-BRICS बैठक में लिया हिस्सा
UNGA की बैठकों के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IBSA और BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में अमेरिकी टैरिफ और उसके वैश्विक व्यापार पर असर को लेकर चिंता जताई गई।
180 देशों पर लगाया टैरिफ
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल (2017-2021) में स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ लगाया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में करीब 180 देशों के निर्यात पर 10% से 50% तक के टैरिफ लगाए गए, जिससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ा।
भारत पर रूस से तेल कारोबार को लेकर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया, जिससे कुल अमेरिकी टैरिफ 50% तक पहुंच गया।
ट्रंप ने बताया ‘America First’ का कारण
ट्रंप का कहना है कि टैरिफ का मकसद अमेरिका का व्यापार घाटा कम करना, घरेलू उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करना है। उन्होंने इसे अपनी ‘America First’ नीति का हिस्सा बताया है।
BRICS और IBSA देशों का रुख साफ है कि एकतरफा टैरिफ और टैरिफ की धमकी को दबाव बनाने के साधन के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
