गुजरात में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। दक्षिण गुजरात के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 21 जुलाई सुबह 6 बजे से 22 जुलाई सुबह 6 बजे तक राज्य के 173 तालुकों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें वलसाड, नवसारी, डांग और सूरत सबसे अधिक प्रभावित रहे।

वलसाड में सबसे ज्यादा 15.63 इंच बारिश
वलसाड जिला इस बार बारिश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
कपराड़ा तालुका में पिछले 24 घंटों के दौरान 15.63 इंच (397 मिमी) बारिश दर्ज की गई, जिससे चारों ओर जलभराव की स्थिति बन गई।
वलसाड जिले में अन्य प्रमुख वर्षा आंकड़े:
- कपराड़ा – 15.63 इंच
- नानापोंढा – 11.02 इंच
- पारडी – 9.37 इंच
- वलसाड शहर – 8.31 इंच
- वापी – 7.28 इंच
भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

नवसारी और डांग में भी भारी बारिश
नवसारी जिले में भी लगातार तेज बारिश जारी रही।
मुख्य वर्षा आंकड़े:
- चिखली – 9.61 इंच
- वांसदा – 9.25 इंच
- खेरगाम – 7.91 इंच
- गणदेवी – 4.72 इंच
डांग जिले में:
- वाघई – 7.20 इंच
- आहवा – 5.04 इंच
लगातार बारिश से कई नदी-नाले उफान पर हैं।

सूरत और अन्य जिलों का हाल
सूरत जिले में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
मुख्य आंकड़े:
- बारडोली – 5.39 इंच
- पलसाना – 4.69 इंच
- सूरत शहर – 4.25 इंच
तापी जिले में:
- डोलवन – 3.90 इंच
- उकाई – 3.03 इंच
इसके अलावा वडोदरा, आनंद, भरूच, राजकोट, भावनगर, जूनागढ़ और मोरबी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

वलसाड में जनजीवन हुआ प्रभावित
वलसाड में मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक लगातार बारिश जारी रही।
करीब 16 घंटे की बारिश के दौरान जिले में औसतन 8.1 इंच वर्षा हुई, जबकि पूरी रात बारिश जारी रहने के बाद कपराड़ा में कुल वर्षा 15.63 इंच तक पहुंच गई।
भारी बारिश के चलते:
- 150 से अधिक सड़कें और कॉजवे बंद हो गए।
- कई गांवों का संपर्क टूट गया।
- यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

वापी के कई इलाके जलमग्न
लगातार बारिश के कारण वापी शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र:
- जगन पार्क
- सूर्या सोसायटी
- धर्मनंदन सोसायटी
- हरिया हॉस्पिटल रोड
- कस्टम रोड
- स्वामीनारायण गुरुकुल रोड
रेलवे के दोनों प्रमुख अंडरपास में पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह बंद हो गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्री-मानसून ड्रेनेज सफाई समय पर नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये की सीवरेज परियोजनाएं भी बेअसर साबित हुईं।
मधुबन डैम से छोड़ा गया पानी
लगातार बारिश के कारण मधुबन डैम में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है।
बुधवार सुबह 7 बजे तक:
- पानी की आवक: 1,02,166 क्यूसेक
- जलस्तर: 74.35 मीटर
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए:
- डैम के 7 गेट 3.10 मीटर तक खोले गए।
- 1 गेट 1.40 मीटर तक खोला गया।
- दमनगंगा नदी में 99,808 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इसके चलते दमनगंगा नदी दोनों किनारों पर बह रही है और निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
