आज रविवार की छुट्टी सामान्य लगती है, लेकिन एक समय भारत में मजदूरों को सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ता था। उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, मजदूर नेता नारायण मेघाजी लोखंडे के लंबे संघर्ष के बाद 10 जून 1890 को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी की शुरुआत हुई।
8 घंटे का काम कब शुरू हुआ?
काम के घंटों में भी बड़ा बदलाव आया। 1942 में डॉ. बी.आर. आंबेडकर, तत्कालीन Labour Member के रूप में, त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन में 8 घंटे के कार्यदिवस की व्यवस्था आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। इसलिए 8 घंटे के नियम को 1940 के बजाय 1942 से जोड़ना अधिक सही है।
1985 में 5-Day Week
केंद्र सरकार के प्रशासनिक कार्यालयों में 3 जून 1985 से 5-दिवसीय सप्ताह लागू किया गया। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक काम और शनिवार को छुट्टी रखी गई।
बैंक कर्मचारी भी मांग रहे 5-Day Week
अब बैंक कर्मचारी सभी शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग कर रहे हैं। सितंबर 2026 में बैंक यूनियनों ने इसी मांग को लेकर 28-30 सितंबर की हड़ताल का आह्वान भी किया है।
डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद शाखाओं में कर्मचारियों की कमी और तकनीकी समस्याओं जैसे मुद्दे भी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में हैं।
