मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान युद्ध के 78वें दिन बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के बीच संभावित नई वार्ता के संकेत मिले हैं, वहीं लेबनान और इजरायल के बीच जारी नाजुक युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। इस बीच दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले जारी रहने से हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ट्रम्प और तेहरान के बीच फिर शुरू हो सकती है बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने BRICS देशों की बैठक में खुलासा किया कि ट्रम्प प्रशासन की ओर से बातचीत को लेकर सकारात्मक संदेश भेजे गए हैं। ईरान ने कहा है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए नई वार्ता को तैयार दिख रहा है, हालांकि परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है।
ट्रम्प ने भी संकेत दिए कि यदि ईरान गंभीरता दिखाता है तो अमेरिका उसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए जारी रखने पर विचार कर सकता है। विशेषज्ञ इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय बाद उभरती संभावित कूटनीतिक नरमी के रूप में देख रहे हैं।
लेबनान-इजरायल युद्धविराम 45 दिन और बढ़ा
अमेरिका की मध्यस्थता के बाद लेबनान और इजरायल ने मौजूदा युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह युद्धविराम पहले रविवार को समाप्त होने वाला था। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच वॉशिंगटन में हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।
हालांकि युद्धविराम के बावजूद:
- दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले जारी हैं
- कई गांवों पर एयरस्ट्राइक की गई
- कम से कम 12 लोगों की मौत हुई
- तीन पैरामेडिक्स भी मारे गए
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मार्च से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
ताइवान, परमाणु हथियार और AI के बाद अब ईरान पर फोकस
हाल के दिनों में ट्रम्प लगातार वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर:
- परमाणु हथियार नियंत्रण
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य
- तेल आपूर्ति
- पश्चिम एशिया की स्थिरता
जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच नई वार्ता सफल होती है तो:
- वैश्विक तेल बाजार स्थिर हो सकता है
- कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है
- पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो सकता है
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र
ईरान ने संकेत दिए हैं कि अब अधिक जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है।
इस बीच:
- UAE ने हॉर्मुज को बायपास करने वाली नई पाइपलाइन परियोजना तेज कर दी है
- अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पर चीन और रूस विरोधी रुख अपना सकते हैं
- वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है
चीन की भूमिका भी अहम
ईरान ने साफ कहा है कि वह चीन समेत किसी भी ऐसे देश की मदद स्वीकार करेगा जो युद्ध समाप्त कराने में योगदान दे सके। चीन पहले ही अमेरिका समर्थित कुछ प्रस्तावों पर आपत्ति जता चुका है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
- चीन मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है
- रूस और चीन मिलकर अमेरिका पर दबाव बना सकते हैं
- BRICS देशों की भूमिका भविष्य में बढ़ सकती है
इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष जारी
युद्धविराम बढ़ने के बावजूद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पें पूरी तरह नहीं रुकी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 440 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया
- हिज्बुल्लाह ने भी कई जवाबी हमले किए
- सीमावर्ती इलाकों में लोगों का पलायन जारी है
वैश्विक बाजारों पर असर
ईरान युद्ध और हॉर्मुज संकट का असर:
- कच्चे तेल की कीमतों
- वैश्विक शेयर बाजार
- मुद्रा बाजार
- परिवहन लागत
पर साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि तनाव और बढ़ा तो:
- तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं
- महंगाई का दबाव बढ़ सकता है
- वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है
दुनिया की नजर अगले कदम पर
अब पूरी दुनिया की नजर इन सवालों पर टिकी है:
- क्या अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक वार्ता शुरू होगी?
- क्या लेबनान युद्धविराम स्थायी शांति में बदलेगा?
- क्या हॉर्मुज संकट टलेगा?
- क्या चीन और रूस खुलकर ईरान के साथ खड़े होंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
