अमेरिकी बाजार में लो-कलर डायमंड्स की बढ़ती मांग, अमीर खरीदारों की पहली पसंद बने नेचुरल स्टोन

अमेरिका के डायमंड बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बड़े आकार के लो-कलर डायमंड्स यानी J ग्रेड और उससे नीचे के प्राकृतिक हीरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासकर 2.50 कैरेट और उससे बड़े हीरों को खरीदने वाले हाई-एंड ग्राहक अब हाई कलर ग्रेड की बजाय लो-कलर स्टोन्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

Rapaport Group की नई “Rapaport Intelligence Report” के अनुसार, यह ट्रेंड उपभोक्ताओं की बदलती सोच को दर्शाता है। ज्वेलर्स और डायमंड डीलर्स का कहना है कि ग्राहक अब ऐसे हीरे चाहते हैं जो साफ तौर पर “नेचुरल” दिखाई दें। इसका सबसे बड़ा कारण लैब-ग्रोउन डायमंड्स का बढ़ता चलन है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आजकल लैब-ग्रोउन डायमंड्स ज्यादातर हाई कलर और हाई क्लैरिटी में उपलब्ध होते हैं। ऐसे में D-फ्लॉलेस डायमंड अब पहले जैसा स्टेटस सिंबल नहीं रह गया है। शादी और एंगेजमेंट रिंग्स के बाजार में सिंथेटिक डायमंड्स की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकी वेडिंग प्लेटफॉर्म The Knot के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 61% कपल्स एंगेजमेंट रिंग खरीदते समय लैब-ग्रोउन डायमंड्स को चुन रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है लो-कलर डायमंड्स की लोकप्रियता?

रिपोर्ट बताती है कि अब अमीर ग्राहक ऐसे हीरे खरीदना पसंद कर रहे हैं जिनमें हल्का रंग दिखाई देता हो, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि डायमंड प्राकृतिक है। खासतौर पर एंटीक कट और फैंसी शेप वाले बड़े डायमंड्स में लो-कलर स्टोन्स की मांग मजबूत बनी हुई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पॉप स्टार Taylor Swift जैसी सेलिब्रिटीज ने भी इस ट्रेंड को लोकप्रिय बनाने में भूमिका निभाई है। इसके अलावा De Beers की “Desert Diamonds” कैंपेन ने भी प्राकृतिक डायमंड्स को प्रमोट करने में मदद की है।

डायमंड इंडस्ट्री में दिख रहे रिकवरी के संकेत

रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड इंडस्ट्री में कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। पिछले एक साल में 2 कैरेट और उससे बड़े डायमंड्स ने छोटे स्टोन्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। खासकर लंबे फैंसी शेप वाले डायमंड्स की मांग मजबूत रही।

Rapaport की रिपोर्ट में यह भी जांच की गई है कि क्या यह सेगमेंट लैब-ग्रोउन डायमंड्स के खतरे से सुरक्षित रह सकता है। ज्वेलर्स का मानना है कि बड़े आकार के प्राकृतिक लो-कलर डायमंड्स की अपनी अलग पहचान और वैल्यू है, जिसे लैब-ग्रोउन स्टोन्स पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर पाएंगे।

छोटे डायमंड्स की कीमतों में भी तेजी

रिपोर्ट में अप्रैल महीने के दौरान 0.30 कैरेट कलेक्शन डायमंड्स की कीमतों में तेज सुधार का भी जिक्र किया गया है। कुछ खास कैटेगरी में पिछले डेढ़ महीने में कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला।

इसके अलावा रिपोर्ट में 0.30, 0.50, 1 और 3 कैरेट डायमंड्स के औसत दाम, डिस्काउंट, विभिन्न देशों में इन्वेंट्री, सर्च वॉल्यूम और टर्नओवर टाइम जैसे आंकड़े भी शामिल किए गए हैं।

महीने के अंत में JCK Show और Luxury शो के दौरान लास वेगास में पूरी डायमंड इंडस्ट्री एकत्रित होगी, जहां इन नए ट्रेंड्स की झलक साफ तौर पर देखने को मिल सकती है।

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