Raseshwari Devi इन दिनों सोशल मीडिया और आध्यात्मिक जगत में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई हैं। विश्व ध्यान दिवस 2026 के अवसर पर उन्होंने ओडिशा में एक विशाल योग और ध्यान केंद्र बनाने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद इंटरनेट पर लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर रासेश्वरी देवी कौन हैं और उनका आध्यात्मिक मिशन क्या है।

ओडिशा में बनेगा 1500 लोगों की क्षमता वाला ध्यान केंद्र
रासेश्वरी देवी ने बताया कि ओडिशा के खुर्दा जिले के तांगी क्षेत्र में 1500 से अधिक लोगों की क्षमता वाला एक भव्य योग और मेडिटेशन हॉल बनाया जाएगा। यह केंद्र पूर्वी भारत में ध्यान शिविरों, योग शिक्षा और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का प्रमुख हब बनने की दिशा में तैयार किया जा रहा है।
यह परियोजना Braj Gopika Seva Mission के तहत विकसित की जा रही है, जिसकी स्थापना रासेश्वरी देवी ने 1998 में की थी। संगठन पहले से ही ओडिशा में कई आध्यात्मिक और मेडिटेशन केंद्र चला रहा है।
हरिद्वार में भी होगा मेगा मेडिटेशन कैंप
सिर्फ ओडिशा ही नहीं, बल्कि जून 2026 में Haridwar में एक सप्ताह का विशाल मेडिटेशन कैंप भी आयोजित किया जाएगा। 11 जून से 17 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में करीब 2500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें विदेशी प्रतिभागी भी शामिल होंगे।
इस शिविर में योग, ध्यान, आध्यात्मिक प्रवचन और वेलनेस प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ना है।

कौन हैं रासेश्वरी देवी?
रासेश्वरी देवी का जन्म Chhattisgarh के भिलाई में हुआ था। उन्होंने गणित और अंग्रेजी साहित्य में उच्च शिक्षा प्राप्त की। कम उम्र से ही उनका झुकाव भक्ति योग और अध्यात्म की ओर था। 22 वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया और Jagadguru Swami Shri Kripalu Ji Maharaj के मार्गदर्शन में आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की।
पिछले तीन दशकों में उन्होंने भारत के 140 से अधिक शहरों में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उन्हें ध्यान, योग, युवा विकास और सांस्कृतिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पहचान मिली है।
आध्यात्मिकता और आधुनिक जीवन को जोड़ने की कोशिश
रासेश्वरी देवी की शिक्षाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति, ध्यान और संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। उनका मिशन युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने पर भी विशेष जोर देता है।
उनकी बढ़ती लोकप्रियता और बड़े स्तर पर चल रहे आध्यात्मिक अभियानों के कारण अब उन्हें देश की प्रभावशाली आध्यात्मिक हस्तियों में गिना जा रहा है।

