दुनिया की चर्चित हीरा खदानों में शामिल कनाडा की Diavik Diamond Mine ने बंद होने से पहले बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। खदान ने अपने अंतिम उत्पादन चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए हीरा उत्पादन में नया मुकाम हासिल किया। 23 वर्षों तक लगातार संचालन के बाद अब यह ऐतिहासिक खदान 2026 में उत्पादन बंद कर रही है।
अंतिम दौर में रिकॉर्ड उत्पादन
रिपोर्ट्स के अनुसार, Rio Tinto द्वारा संचालित Diavik Mine ने 2026 की पहली तिमाही में लगभग 1.04 मिलियन कैरेट हीरों का उत्पादन किया, जो पिछले साल की समान अवधि से करीब 11% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब खदान अपने जीवनचक्र के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

23 साल का गौरवशाली सफर
Diavik Mine ने वर्ष 2003 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया था। यह कनाडा के Northwest Territories क्षेत्र में स्थित है और पिछले दो दशकों में इसने 150 मिलियन कैरेट से अधिक रफ डायमंड निकाले हैं। इस खदान ने कनाडा को वैश्विक हीरा बाजार में मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
क्यों खास है Diavik Mine?
यह माइन कई वजहों से दुनिया भर में मशहूर रही:
- उच्च गुणवत्ता वाले सफेद हीरे
- दुर्लभ रंगीन हीरे
- आधुनिक और पर्यावरण-संवेदनशील खनन तकनीक
- आर्कटिक क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण संचालन
- कनाडा की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान

बंद होने के बाद क्या होगा?
Rio Tinto ने बताया है कि माइनिंग उत्पादन अब खत्म हो रहा है, लेकिन बंद करने और पुनर्वास (Closure & Rehabilitation) का काम 2029 तक जारी रहेगा। इसमें भूमि सुधार, जल प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों के साथ विकास योजनाएं शामिल हैं।
डायमंड बाजार पर असर
Diavik Mine के बंद होने से वैश्विक हीरा सप्लाई पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर प्राकृतिक हीरों की उपलब्धता घट सकती है, जिससे प्रीमियम डायमंड की कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है। कनाडा की कुल डायमंड उत्पादन क्षमता भी घटेगी।
Rio Tinto के लिए नया मोड़
Diavik, Rio Tinto की आखिरी सक्रिय डायमंड माइन थी। इससे पहले कंपनी 2020 में ऑस्ट्रेलिया की मशहूर Argyle Mine बंद कर चुकी थी। अब कंपनी धातुओं और अन्य खनिजों पर ज्यादा फोकस कर रही है।
Diavik Mine का अंतिम चरण सिर्फ एक खदान का अंत नहीं, बल्कि वैश्विक हीरा उद्योग के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है। बंद होने से पहले रिकॉर्ड उत्पादन ने इसे यादगार विदाई दी है। आने वाले समय में प्राकृतिक हीरा बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।
