डोमिनिकन रिपब्लिक के पूर्वी क्षेत्र स्थित ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार (7 जून) को एक भीषण विमान दुर्घटना हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। टेक-ऑफ के दौरान एक निजी जेट अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भयानक था कि कुछ ही क्षणों में विमान आग के विशाल गोले में बदल गया और पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
राष्ट्रीय विमानन प्राधिकरण के अनुसार इस दुर्घटना में विमान के पायलट और सह-पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि विमान में कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
टेक-ऑफ के दौरान कई बार उछला विमान
इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान रनवे पर तेज गति से दौड़ रहा था। इसी दौरान उसके पहिए रनवे से टकराने के बाद असंतुलित हो गए और विमान हवा में कई बार उछलने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान ने दो से तीन बार जोरदार उछाल लिया, जिसके बाद उसमें जोरदार विस्फोट हुआ और वह आग की लपटों में घिर गया। कुछ अन्य वीडियो में दुर्घटनास्थल से उठता हुआ घना काला धुआं भी दिखाई दे रहा है।
कौन सा विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त?
डोमिनिकन सिविल एविएशन इंस्टीट्यूट ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान एक निजी गल्पस्ट्रीम G200 जेट था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह विमान प्यूर्टो रिको से डोमिनिकन रिपब्लिक पहुंचा था। ला रोमाना एयरपोर्ट पर ईंधन भरने के बाद यह अमेरिका के ऑस्टिन शहर के लिए उड़ान भरने वाला था। इसी दौरान टेक-ऑफ के समय यह दुर्घटना हो गई।
यात्रियों के न होने से टली बड़ी त्रासदी
अधिकारियों के मुताबिक विमान में केवल चालक दल मौजूद था। यदि विमान में यात्री सवार होते तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह साबित हो सकता था।
हालांकि दोनों पायलटों को बचाया नहीं जा सका और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था
विमानन विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार विमान ने ला रोमाना एयरपोर्ट से लगभग 16 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम दिशा में आपातकालीन स्थिति का संकेत देते हुए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया था।
लेकिन पायलट विमान पर दोबारा नियंत्रण स्थापित कर पाते, उससे पहले ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे की जांच शुरू
हादसे के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, यांत्रिक विफलता या किसी अन्य कारण से हुई। अधिकारियों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच एजेंसियां फ्लाइट डेटा, तकनीकी रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
