बिटकॉइन की वापसी, लेकिन खतरा बरकरार! ETF से निकासी और ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी गिरावट के बाद बिटकॉइन ने सोमवार को कुछ राहत दिखाई और 63,000 डॉलर के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकवरी अभी भी कमजोर है क्योंकि संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी है और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं।

पिछले सप्ताह बिटकॉइन में लगभग 18% की गिरावट दर्ज की गई, जो इस वर्ष का इसका सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है। सोमवार को इसमें करीब 1.5% की तेजी देखने को मिली, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह से वापस नहीं लौटा है।

ETF से रिकॉर्ड निकासी ने बढ़ाया दबाव

बिटकॉइन पर सबसे बड़ा दबाव स्पॉट बिटकॉइन ETF से लगातार हो रही निकासी का है। आंकड़ों के अनुसार, केवल पिछले सप्ताह अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से लगभग 1.72 अरब डॉलर की निकासी हुई, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक निकासी है। लगातार चौथे सप्ताह ETF से पैसा निकलने के कारण कुल निकासी 5.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।

विश्लेषकों का कहना है कि संस्थागत निवेशक फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी की बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं, जिससे बिटकॉइन की मांग कमजोर हुई है।

ईरान-इज़राइल तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। हालिया हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बना रहे हैं, जिसका असर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिखाई दे रहा है।

अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी सुधार

बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी हल्की रिकवरी देखी गई। एथेरियम लगभग 3.4% बढ़कर 1,666 डॉलर के आसपास पहुंच गया, जबकि XRP, सोलाना, कार्डानो और BNB में भी सीमित बढ़त दर्ज की गई। डॉजकॉइन और TRUMP टोकन में भी मामूली तेजी रही।

आगे क्या रहेगा नजर में?

विशेषज्ञों के अनुसार, बिटकॉइन की मौजूदा रिकवरी को अभी मजबूत ट्रेंड नहीं माना जा सकता। ETF से निकासी, वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और मध्य पूर्व का तनाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो बिटकॉइन पर फिर से दबाव बढ़ सकता है। वहीं, ETF में दोबारा निवेश और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने पर बाजार को नई मजबूती मिल सकती है।

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