नई दिल्ली: सरकार द्वारा लागू किए गए GST 2.0 सुधारों का मकसद टैक्स दरों को सरल बनाना था, लेकिन इससे कई उद्योगों में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted Duty Structure) की समस्या और गहरी हो गई है। इससे खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
📊 क्या है इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर?
इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर तब होता है जब:
- कच्चे माल (इनपुट) पर टैक्स ज्यादा हो
- तैयार माल (आउटपुट) पर टैक्स कम हो
👉 इससे कंपनियों को ज्यादा GST पहले देना पड़ता है और बाद में रिफंड लेना पड़ता है।
🔄 GST 2.0 में क्या बदला?
GST 2.0 के तहत:
- 12% टैक्स स्लैब को हटाया गया
- कई उत्पादों को 5% स्लैब में लाया गया
👉 इससे उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई, लेकिन टैक्स संरचना में असंतुलन बढ़ गया।
⚠️ किन सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर?
सरकारी और उद्योग सूत्रों के अनुसार, इन सेक्टरों पर ज्यादा असर पड़ा है:
- टेक्सटाइल इंडस्ट्री
- फूड और फूड प्रोसेसिंग
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर
- पैकेज्ड फूड और स्टेशनरी
👉 इन सेक्टरों में तैयार उत्पाद पर 5% टैक्स है, जबकि इनपुट और सेवाओं पर 18% तक टैक्स लगता है।
🍱 उदाहरण से समझें
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में:
- तैयार खाद्य उत्पाद पर 5% GST
- लेकिन पैकेजिंग, विज्ञापन और सेवाओं पर 18% GST
👉 इससे टैक्स का अंतर और बढ़ जाता है।
🚲 अन्य उद्योगों में भी यही स्थिति
- टेक्सटाइल में तैयार कपड़ों पर 5% GST, लेकिन इनपुट पर 18%
- वैक्सीन में फाइनल प्रोडक्ट 5%, जबकि कच्चा माल महंगे टैक्स स्लैब में
- साइकिल इंडस्ट्री में कच्चे माल (स्टील, रबर) पर 18% GST, लेकिन फाइनल प्रोडक्ट 5%
👉 इससे कंपनियों का पैसा लंबे समय तक फंसा रहता है।
💰 छोटे व्यवसायों पर बड़ा असर
- कंपनियों को पहले ज्यादा टैक्स देना पड़ता है
- रिफंड मिलने में देरी होती है
- वर्किंग कैपिटल फंस जाता है
👉 खासकर छोटे उद्योगों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है।
🏛️ सरकार की प्राथमिकता क्या थी?
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- GST 2.0 का फोकस मांग बढ़ाने (demand boost) पर था
- टैक्स संरचना के संतुलन पर कम ध्यान दिया गया
👉 इसी वजह से इनवर्टेड ड्यूटी की समस्या बढ़ गई।
GST 2.0 ने जहां टैक्स दरों को सरल बनाया है, वहीं कई सेक्टर में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को और जटिल बना दिया है। इससे उद्योगों, खासकर छोटे व्यवसायों की लिक्विडिटी पर असर पड़ा है। आने वाले समय में सरकार को इस असंतुलन को सुधारने के लिए कदम उठाने होंगे।
