दुनिया में बढ़ते युद्ध और आर्थिक अस्थिरता के बीच अब कई देश अपनी संपत्ति को लेकर सतर्क हो गए हैं। इसी कड़ी में Reserve Bank of India (RBI) ने भी अपनी गोल्ड पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है और विदेशों में रखा सोना तेजी से भारत वापस मंगवाना शुरू कर दिया है।
🌍 विदेशों से सोना वापस ला रहे देश
पहले लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की बैंकों में सोना रखना सुरक्षित माना जाता था। लेकिन हाल के वैश्विक घटनाक्रमों—जैसे युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों—के कारण अब देशों का भरोसा कम हुआ है।
इसी वजह से कई देश अब अपना सोना वापस अपनी तिजोरियों में सुरक्षित रखने लगे हैं।
🪙 भारत के पास कुल 880.52 टन सोना
RBI की ताजा रिपोर्ट के अनुसार:
- भारत के पास कुल 880.52 टन सोना है
- इसमें से लगभग 77% यानी 680 टन सोना भारत में ही रखा गया है
- जबकि करीब 197.67 टन सोना अभी भी विदेशी बैंकों जैसे
- Bank of England
- Bank for International Settlements
के पास सुरक्षित है
📦 6 महीनों में 104 टन सोना वापस
RBI ने पिछले 6 महीनों में ही करीब 104.23 टन सोना भारत वापस मंगवाया है।
मार्च 2023 में जहां सिर्फ 37% सोना भारत में था, अब यह आंकड़ा काफी बढ़ चुका है।
⚠️ क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
इस फैसले के पीछे कई वैश्विक कारण हैं:
- Russia-Ukraine War
- पश्चिमी देशों द्वारा अफगानिस्तान की संपत्तियों को फ्रीज करना
इन घटनाओं ने यह दिखा दिया कि विदेशों में रखी संपत्ति कभी भी राजनीतिक फैसलों के कारण जोखिम में आ सकती है।
✅ देश में सोना रखने के फायदे
- संकट के समय तुरंत उपयोग संभव
- राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत
- आर्थिक स्थिरता में मदद
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी भी बढ़कर 16.7% हो गई है, जो पहले 13.9% थी। इससे साफ है कि भारत अब सोने को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश मान रहा है।
📌 निष्कर्ष
वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत का यह कदम एक रणनीतिक फैसला है। अपने सोने को देश में रखना न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि आर्थिक मजबूती भी देता है।
