भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह IPO गतिविधि काफी धीमी रहने वाली है। जहां पिछले कुछ समय में लगातार नए इश्यू देखने को मिले थे, वहीं इस हफ्ते केवल एक नया IPO इन्वेस्टर के लिए खुलने जा रहा है। बाजार में सुधार के बावजूद कंपनियां फिलहाल सतर्क रुख अपनाती दिख रही हैं। इन्वेस्टर की नजर अब नए इश्यू के साथ-साथ इस सप्ताह होने वाली लिस्टिंग्स पर भी टिकी है।
इस हफ्ते कौन सा IPO खुलेगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Leapfrog Engineering Services का IPO इस सप्ताह खुलने वाला एकमात्र नया सार्वजनिक इश्यू है। यह SME सेगमेंट की कंपनी है, जो इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, ऑटोमेशन, HVAC और फायर सेफ्टी समाधान जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग ₹88.51 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
पहले से खुले IPO पर भी नजर
इस सप्ताह पहले से खुले कुछ इश्यू बंद होने वाले हैं:
- Mehul Telecom IPO सब्सक्रिप्शन के लिए बंद होगा
- Citius Transnet Investment Trust IPO भी इस सप्ताह बंद होने जा रहा है
- इससे इन्वेस्टर को सीमित लेकिन चयनात्मक अवसर मिलेंगे।
लिस्टिंग फ्रंट पर क्या होगा?
नई लॉन्चिंग कम होने के बावजूद इस सप्ताह दो कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग संभावित है। इसलिए जिन इन्वेस्टर ने हाल के IPO में आवेदन किया है, उनकी नजर GMP और लिस्टिंग गेन पर रहेगी।
IPO बाजार धीमा क्यों पड़ा?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ प्रमुख कारण:
- हालिया बाजार अस्थिरता
- वैश्विक तनाव और इन्वेस्टर की सतर्कता
- वैल्यूएशन पर कंपनियों की प्रतीक्षा रणनीति
- हाल के IPOs का मिश्रित प्रदर्शन
- Q4 रिजल्ट सीजन पर फोकस
इन्वेस्टर के लिए क्या रणनीति हो?
अगर IPO कम आ रहे हैं, तो यह जल्दबाजी का समय नहीं बल्कि चयन का समय है।
- ध्यान रखें:
- कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझें
- केवल GMP देखकर आवेदन न करें
- SME IPO में जोखिम अधिक हो सकता है
- लिस्टिंग गेन और लॉन्ग टर्म निवेश अलग रणनीतियां हैं
- ओवरवैल्यूड इश्यू से बचें
आगे IPO बाजार में तेजी आएगी?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि बाजार स्थिर रहता है और सेंसेक्स-निफ्टी मजबूती दिखाते हैं, तो आने वाले हफ्तों में IPO गतिविधि फिर तेज हो सकती है। कई कंपनियां पहले से SEBI की मंजूरी लेकर कतार में हैं।
इस सप्ताह IPO बाजार शांत है, लेकिन इन्वेस्टर के लिए अवसर खत्म नहीं हुए हैं। कम इश्यू वाले दौर में गुणवत्ता वाले IPO चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। फिलहाल बाजार चयनात्मक निवेश की मांग कर रहा है।
