भारत के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी के बीच हैदराबाद की इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) कंपनी मेरिट्रोनिक्स (Merritronix) जून 2026 में अपना IPO लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का यह इश्यू जून महीने का पहला SME IPO माना जा रहा है, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
कंपनी रक्षा, एयरोस्पेस, टेलीकॉम और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए हाई-रिलायबिलिटी इलेक्ट्रॉनिक असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं प्रदान करती है। IPO के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग नई मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल जरूरतों और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
1 जून से खुलेगा IPO
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मेरिट्रोनिक्स IPO 1 जून 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 3 जून तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे। शेयरों की लिस्टिंग 8 जून 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर होने की संभावना है।
IPO का प्राइस बैंड ₹141 से ₹149 प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश लगभग ₹1.49 लाख से शुरू होगा, जबकि कुछ प्लेटफॉर्म्स के अनुसार 2,000 शेयर के आवेदन पर निवेश राशि लगभग ₹2.98 लाख तक पहुंच सकती है।
कंपनी क्या करती है?
मेरिट्रोनिक्स एक ESDM कंपनी है, जो PCB असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और बॉक्स-बिल्ड सॉल्यूशंस प्रदान करती है। कंपनी की सेवाएं मुख्य रूप से डिफेंस, एयरोस्पेस और टेलीकॉम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उपयोग की जाती हैं।
कंपनी के पास SMT और Through-Hole Technology (THT) आधारित मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं हैं। दिसंबर 2025 तक इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लाखों यूनिट तक पहुंच चुकी थी।
तेजी से बढ़ा कारोबार
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, FY23 से FY25 के बीच कंपनी की आय में करीब 46% CAGR की वृद्धि हुई। वहीं FY26 के वार्षिकीकृत आंकड़ों में राजस्व लगभग ₹155 करोड़ और PAT करीब ₹16 करोड़ बताया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत में “मेक इन इंडिया”, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलने से इस सेक्टर की कंपनियों को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है। हालांकि SME IPO होने के कारण इसमें निवेश जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक माना जा रहा है।
IPO से जुटाई राशि का उपयोग
कंपनी IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से:
- नई मशीनरी और उपकरण खरीदने
- वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने
- पुराने कर्ज की आंशिक/पूर्ण अदायगी
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों
के लिए करेगी।
निवेशकों के लिए क्यों खास है यह IPO?
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस सेक्टर में बढ़ते सरकारी निवेश के चलते इस IPO को अच्छा रिस्पॉन्स मिल सकता है। भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियों से ऐसी कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं।
हालांकि निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन, ग्रोथ क्षमता और SME प्लेटफॉर्म से जुड़े जोखिमों का मूल्यांकन करना जरूरी माना जा रहा है।
