BJP की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद अब मोदी 3.0 कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
12 नए मंत्रियों के लिए जगह
वर्तमान में प्रधानमंत्री समेत केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 69 सदस्य हैं। संविधान के अनुच्छेद 75(1A) के तहत अधिकतम संख्या 81 हो सकती है। यानी 12 पद खाली हैं, जिससे कैबिनेट विस्तार की संभावना को बल मिला है।
‘One Person, One Post’ पर नजर
BJP की नई राष्ट्रीय टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि संगठन और सरकार में जिम्मेदारियों का संतुलन कैसे बनाया जाएगा। BJP ने 17 अगस्त को अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी, जिसमें कई नए और वरिष्ठ चेहरों को अहम जिम्मेदारियां दी गईं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की नई जिम्मेदारियां पाने वाले नेताओं और अन्य राजनीतिक समीकरणों के आधार पर कुछ मंत्रियों की भूमिका बदली जा सकती है।
नए चेहरे और सहयोगी दलों को मौका?
संभावित फेरबदल में BJP के साथ-साथ NDA सहयोगी दलों और युवा नेताओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा है। इसके अलावा क्षेत्रीय और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए राज्यों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।
कुछ मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, इसलिए उनके कार्यभार को बांटकर दूसरे नेताओं को जिम्मेदारी देने की संभावना भी जताई जा रही है।
2029 और विधानसभा चुनावों पर फोकस
संभावित कैबिनेट फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। BJP का हालिया संगठनात्मक बदलाव भी चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर केंद्रित है।
निष्कर्ष
12 खाली पदों के कारण कैबिनेट विस्तार की गुंजाइश जरूर है, लेकिन कौन मंत्री बनेगा या किसकी जिम्मेदारी बदलेगी, इस पर अभी आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। फिलहाल राजनीतिक हलकों में फेरबदल की अटकलें तेज हैं और अंतिम तस्वीर सरकार के औपचारिक ऐलान के बाद ही साफ होगी।
