भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में “हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट FTA” से गुजरात के Surat की डायमंड और जेम्स-ज्वेलरी इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से अमेरिकी टैरिफ, पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक मांग में गिरावट से जूझ रहे कारोबारियों के लिए यह समझौता नई उम्मीद लेकर आया है।
सूरत के कारोबारियों को क्यों मिला बड़ा सहारा?
Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे रणनीतिक कदम बताया है। परिषद के अनुसार, न्यूजीलैंड जैसा उभरता बाजार भारतीय जेम्स और ज्वेलरी निर्यातकों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
तीन साल में 50 मिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है निर्यात
उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समझौते के कारण अगले तीन वर्षों में भारत के जेम्स और ज्वेलरी एक्सपोर्ट में करीब 50 मिलियन डॉलर तक की वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में भारत का न्यूजीलैंड को जेम्स-ज्वेलरी एक्सपोर्ट लगभग 16.61 मिलियन डॉलर बताया गया है।
अमेरिकी टैरिफ से लगा था बड़ा झटका
सूरत सहित भारत की डायमंड इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा पहले United States बाजार पर निर्भर था। रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 30% जेम्स-ज्वेलरी एक्सपोर्ट अमेरिका जाते थे, लेकिन ऊंचे आयात शुल्क के बाद इसमें भारी गिरावट आई। कई मामलों में टैरिफ 50% तक पहुंच गया था, जिसे बाद में घटाया गया।
खाड़ी देशों की मांग भी घटी
Gulf Region और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वहां की मांग भी कमजोर हुई। उद्योग जगत का कहना है कि अमेरिका और खाड़ी बाजारों में कुल मिलाकर लगभग 65% गिरावट का असर पड़ा, जिससे सूरत के कारोबारियों पर दबाव बढ़ा।
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय बड़ा अवसर
न्यूजीलैंड में करीब 4 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसके अलावा दक्षिण एशियाई समुदाय को मिलाकर यह संख्या 6 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। यह वर्ग भारतीय डिजाइन के हीरे और सोने के आभूषणों का बड़ा ग्राहक माना जाता है। अब भारतीय कंपनियां सीधे इस बाजार तक पहुंच बना सकेंगी।
FTA से क्या होगा सीधा फायदा?
- कई श्रेणियों में शुल्क घटने या समाप्त होने की संभावना
- एक्सपोर्ट लागत कम होगी
- नए ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलेगी
- अमेरिकी बाजार पर निर्भरता घटेगी
- सूरत के कटिंग-पॉलिशिंग यूनिट्स को नए ऑर्डर मिल सकते हैं
सूरत की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा सहारा
Surat दुनिया के प्रमुख डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग केंद्रों में गिना जाता है। यहां लाखों लोग इस उद्योग से जुड़े हैं। ऐसे में एक्सपोर्ट बढ़ने से रोजगार, उत्पादन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
भारत-न्यूजीलैंड FTA सूरत डायमंड इंडस्ट्री के लिए सिर्फ व्यापार समझौता नहीं, बल्कि संकट के दौर में नई राहत है। अगर एक्सपोर्ट अनुमान के मुताबिक बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में सूरत फिर से वैश्विक डायमंड कारोबार में मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
