भारत की दिग्गज ज्वेलरी कंपनी Titan Company ने नैचुरल डायमंड ज्वेलरी की मांग बढ़ाने के लिए जो नई रणनीति अपनाई है, उसका असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड Tanishq के “Festival of Diamonds” अभियान ने ग्राहकों को फिर से प्राकृतिक हीरों की ओर आकर्षित किया है।
हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, टाइटन के ज्वेलरी बिजनेस में खरीदारों की संख्या में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि वित्त वर्ष के शुरुआती तीन तिमाहियों में यह ग्रोथ लगभग स्थिर थी, लेकिन नए अभियान के बाद अचानक मांग में उछाल देखने को मिला।
‘Festival of Diamonds’ बना गेम चेंजर
Titan Company के ज्वेलरी डिवीजन के CEO अरुण नारायण ने बताया कि कंपनी का “Festival of Diamonds” अभियान ग्राहकों के बीच बेहद सफल रहा।
इस अभियान के तहत:
- ग्राहकों को नैचुरल डायमंड ज्वेलरी पर विशेष ऑफर दिए गए
- नई डिजाइन और प्रीमियम कलेक्शन पेश किए गए
- शादी सीजन को ध्यान में रखकर मार्केटिंग की गई
कंपनी के अनुसार, बढ़ती सोने की कीमतों के बीच कई ग्राहकों ने पहले से खरीदारी करना शुरू कर दिया, जिससे डायमंड ज्वेलरी की बिक्री को भी फायदा मिला।
भारत में बढ़ रही है नैचुरल डायमंड की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में डायमंड ज्वेलरी अभी भी कुल ज्वेलरी मार्केट का छोटा हिस्सा है, लेकिन इसमें तेजी से संभावनाएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
- भारतीय ग्राहक अभी भी नैचुरल डायमंड को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं
- शादी और पारिवारिक अवसरों में प्राकृतिक हीरों की मांग मजबूत बनी हुई है
- लंबे समय के निवेश और वैल्यू स्टोरेज के लिए लोग नैचुरल डायमंड को प्राथमिकता देते हैं
हालांकि लैब-ग्रोउन डायमंड का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में पारंपरिक ग्राहकों के बीच नैचुरल डायमंड की विश्वसनीयता अब भी मजबूत है।
लैब-ग्रोउन डायमंड को लेकर भी टाइटन की बड़ी तैयारी
एक ओर कंपनी नैचुरल डायमंड को प्रमोट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसने लैब-ग्रोउन डायमंड सेगमेंट में भी कदम बढ़ाए हैं।
Titan Company ने हाल ही में “BeYon” नाम से सिंथेटिक डायमंड ब्रांड लॉन्च किया है।
कंपनी की योजना:
- अगले एक साल में 10-12 नए स्टोर खोलने की
- युवाओं और प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करने की
- दोनों सेगमेंट में समानांतर ग्रोथ हासिल करने की
हालांकि टाइटन का कहना है कि भारत अभी “लो-पेनेट्रेटेड डायमंड मार्केट” है और यहां नैचुरल व लैब-ग्रोउन दोनों के लिए अवसर मौजूद हैं।
वैश्विक डायमंड बाजार में क्यों बढ़ी चिंता?
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक डायमंड इंडस्ट्री कई चुनौतियों से जूझ रही है।
मुख्य कारण:
- लैब-ग्रोउन डायमंड का बढ़ता चलन
- प्राकृतिक हीरों की कीमतों में गिरावट
- वैश्विक आर्थिक मंदी
- चीन और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में कमजोर मांग
इसी वजह से कई कंपनियां अब मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर ज्यादा फोकस कर रही हैं ताकि ग्राहकों के बीच नैचुरल डायमंड की वैल्यू बनी रहे।
Rapaport ने भी नैचुरल डायमंड के समर्थन में लिया बड़ा फैसला
डायमंड इंडस्ट्री की प्रमुख संस्था Rapaport Group ने हाल ही में घोषणा की कि वह केवल नैचुरल डायमंड को ही समर्थन देगी और सिंथेटिक डायमंड को प्रमोट नहीं करेगी।
संस्था का कहना है कि प्राकृतिक हीरे:
- दुर्लभता
- प्रामाणिकता
- दीर्घकालिक मूल्य
जैसी विशेषताओं के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखते हैं।
भारत बन सकता है डायमंड इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बाजार
विशेषज्ञों के अनुसार:
- भारत में मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है
- शादी और लक्जरी बाजार मजबूत हो रहा है
- युवा पीढ़ी डिजाइनर ज्वेलरी की ओर आकर्षित हो रही है
ऐसे में आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक नैचुरल डायमंड इंडस्ट्री का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बन सकता है।
