अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “पागलों के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में ईरान के साथ युद्ध को लेकर कानूनी बहस जारी है और 60 दिन की वार पावर्स (War Powers) समयसीमा खत्म होने पर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि सीजफायर (ceasefire) के चलते यह समयसीमा फिलहाल रुकी हुई है। रक्षा मंत्री Pete Hegseth समेत अन्य अधिकारियों ने भी यही दलील दी है। हालांकि, यदि इस समयसीमा को 30 दिन और बढ़ाना है तो इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।
फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा,
“हम युद्ध में हैं क्योंकि हम पागलों को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकते।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स के जरिए ईरान को रोक दिया, वरना वह परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। ट्रंप के अनुसार, इससे इजरायल, मध्य पूर्व और यूरोप को बड़ा खतरा हो सकता था।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास न नौसेना है, न एयरफोर्स और न ही मजबूत रक्षा प्रणाली। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नेतृत्व क्षमता भी कमजोर हो चुकी है।
ईरान की ओर से युद्ध समाप्त करने के लिए दिए गए नए प्रस्ताव को भी ट्रंप ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्दबाजी में युद्ध खत्म नहीं करेगा, क्योंकि इससे भविष्य में फिर से संकट खड़ा हो सकता है।
ट्रंप ने तेहरान के “बिखरे हुए नेतृत्व” को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भले ही सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे एकजुट नहीं हैं।
यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था, लेकिन इसे आते ही लगभग तुरंत खारिज कर दिया गया।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है और आने वाले समय में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
