तेहरान/दुबई: दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो कारोबारी जहाजों ने गोलीबारी की सूचना दी है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर दोबारा सख्त नियंत्रण लागू करने की बात कही है।
क्या हुआ जहाजों के साथ?
समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, दो व्यापारी जहाजों ने बताया कि जब वे स्ट्रेट ऑफ होरमज़ पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन पर गोलीबारी हुई। एक अलग रिपोर्ट में एक टैंकर ने ओमान के उत्तर-पूर्व में दो तेज नावों द्वारा फायरिंग की सूचना दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज और चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं।
ईरान ने फिर क्यों कड़ा किया नियंत्रण?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पहले सीमित रूप से जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में कहा कि अमेरिका की नाकेबंदी और क्षेत्रीय हालात के कारण जलडमरूमध्य पर “कड़ा नियंत्रण” दोबारा लागू किया जा रहा है। इससे गुजरने वाले जहाजों की संख्या सीमित हो सकती है।
क्यों इतना महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ होरमज़ ?
स्ट्रेट ऑफ होरमज़ दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया भर में पहुंचता है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो उसका असर तुरंत तेल कीमतों, बीमा लागत और सप्लाई चेन पर पड़ता है।
तेल बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही फिर बाधित होती है तो:
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है
- शिपिंग लागत बढ़ सकती है
- बीमा प्रीमियम महंगा हो सकता है
- एशियाई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है
- शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है
विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार फिलहाल हर नई खबर पर नजर रखे हुए हैं।
भारत पर क्या असर होगा?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में होर्मुज़ में किसी भी तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है:
- पेट्रोल-डीजल कीमतों पर दबाव
- LPG और गैस सप्लाई लागत बढ़ना
- आयात बिल में वृद्धि
- रुपये पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ब्रिटेन समेत कई देशों ने होर्मुज़ में सामान्य शिपिंग बहाल करने की मांग की है। कई देशों ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और सुरक्षित व्यापार मार्ग सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
क्या आगे हालात सुधरेंगे?
फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यदि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो तनाव कम हो सकता है। लेकिन किसी भी सैन्य या राजनीतिक टकराव से संकट और बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में दो कारोबारी जहाजों पर कथित गोलीबारी की खबर ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। यह मार्ग केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। आने वाले दिनों में यहां की स्थिति तेल बाजार, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
