देशभर में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खासतौर पर चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में भारी अस्थिरता दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और आयात शुल्क में बदलाव जैसे कई कारकों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
आज क्या है चांदी का ताजा भाव?
ताजा अपडेट के अनुसार, भारत में आज चांदी का रेट इस प्रकार दर्ज किया गया है:
- 1 ग्राम चांदी: ₹269
- 10 ग्राम चांदी: ₹2,690
- 100 ग्राम चांदी: ₹26,900
हालांकि पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 14 मई को 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2,820 तक पहुंच गया था, जबकि बाद में इसमें गिरावट भी दर्ज की गई।
क्यों बढ़ रही है चांदी में अस्थिरता?
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं:
- वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती
- अमेरिका-ईरान तनाव और जियोपॉलिटिकल संकट
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
- भारत में आयात शुल्क में बदलाव
- निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती रुचि
हाल ही में भारत सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया, जिसका असर घरेलू बाजार में सीधे तौर पर देखने को मिला। इसके बाद चांदी की कीमतों में अचानक तेजी आई।
एक दिन में ₹17,500 तक की गिरावट
बीते सप्ताह MCX पर चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ही दिन में चांदी करीब ₹17,500 प्रति किलोग्राम तक टूट गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता इसकी बड़ी वजह रही।
क्या आगे और महंगी होगी चांदी?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अगर पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोना-चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं डॉलर मजबूत रहने पर कीमतों में दबाव भी बना रह सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि भारत द्वारा चांदी के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध घरेलू बाजार में सप्लाई कम कर सकते हैं, जिससे भविष्य में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी फिलहाल बेहद अस्थिर दौर से गुजर रही है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने की बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनानी चाहिए।
ज्वेलरी खरीदने वालों को भी सलाह दी जा रही है कि खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर जांच लें, क्योंकि टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है।
