भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक Tata Group के भविष्य को लेकर 8 जून को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tata Trusts इस बैठक में Tata Sons के कई बड़े और लंबे समय से घाटे में चल रहे कारोबारों की विस्तृत समीक्षा करेगा।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई टाटा संस बोर्ड मीटिंग में Air India, Tata Digital और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार सहित कई नई परियोजनाओं पर विस्तार से प्रस्तुति दी गई थी। अब यही प्रस्तुतियां 8 जून को टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टीज़ के सामने भी रखी जा सकती हैं।
यह बैठक इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस का नियंत्रक शेयरधारक है और समूह की रणनीति, नेतृत्व और गवर्नेंस से जुड़े बड़े फैसलों में उसकी अहम भूमिका रहती है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस समीक्षा बैठक में खास तौर पर उन कारोबारों पर फोकस रहेगा जिनमें भारी निवेश के बावजूद अभी तक अपेक्षित लाभ नहीं मिला है। इनमें एयर इंडिया का पुनर्गठन, टाटा डिजिटल की विस्तार योजनाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस बैठक में Natarajan Chandrasekaran के नेतृत्व और उनके संभावित तीसरे कार्यकाल को लेकर भी चर्चा हो सकती है। टाटा समूह की भविष्य की रणनीति और पूंजी आवंटन को लेकर ट्रस्ट्स के भीतर गंभीर मंथन जारी है।
पिछले कुछ महीनों में टाटा ट्रस्ट्स के भीतर कई मुद्दों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं। इनमें बोर्ड स्तर की नियुक्तियां, सूचीबद्धता (लिस्टिंग) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवाल प्रमुख रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि 8 जून की यह बैठक टाटा समूह की आगामी कारोबारी दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है। निवेशकों और उद्योग जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि टाटा ट्रस्ट्स समूह की घाटे वाली इकाइयों और भविष्य की रणनीति को लेकर क्या रुख अपनाता है।
