दिल्ली में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक चाय विक्रेता को KYC अपडेट के नाम पर ₹90 हजार की चपत लगा दी गई। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से जुड़े एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दक्षिण पटेल नगर इलाके में चाय बेचने वाले व्यक्ति के पास एक युवक डिजिटल पेमेंट ऐप कर्मचारी बनकर पहुंचा। आरोपी ने मोबाइल की सेटिंग और KYC अपडेट कराने का झांसा देकर पीड़ित का फोन अपने कब्जे में लिया और बैंक खाते से ₹90,000 ट्रांसफर कर लिए। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को एक बैंक अकाउंट का पता चला, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। तकनीकी जांच और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने पंचकूला, जीरकपुर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंचकूला निवासी 22 वर्षीय विशेष सिंह, 22 वर्षीय सचिन मौर्य और हिमाचल प्रदेश के ऊना निवासी 27 वर्षीय आशीष शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन, कई बैंक अकाउंट डिटेल्स, ATM कार्ड और SIM कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह साइबर अपराधियों को बैंक अकाउंट किट, ATM कार्ड और रजिस्टर्ड SIM कार्ड उपलब्ध करवाता था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी नेटवर्क संचालित कर रहे थे। उन्हें हर बैंक अकाउंट और ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, बैंकिंग डिटेल्स और साइबर फ्रॉड से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और देशभर में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को मोबाइल फोन, OTP, बैंक डिटेल्स या KYC जानकारी साझा न करें। किसी भी बैंक या डिजिटल पेमेंट कंपनी का कर्मचारी कभी भी फोन लेकर व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
