दुनिया की दिग्गज पेय पदार्थ कंपनी Coca-Cola भारत में अपने सबसे बड़े बॉटलिंग कारोबार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (IPO) करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि उसकी भारतीय बॉटलिंग इकाई की पैरेंट कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स (HCCH) का IPO वर्ष 2027 में भारतीय शेयर बाजारों में लाया जा सकता है।
यह कदम भारत में कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारत वर्तमान में Coca-Cola के लिए सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है।
क्या है कंपनी की योजना?
कंपनी ने बताया कि वह हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स (HCCH) की संभावित लिस्टिंग पर काम कर रही है। प्रस्तावित IPO भारतीय शेयर बाजारों – BSE और NSE – पर लाया जा सकता है। इसके तहत Coca-Cola अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच सकती है, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इस व्यवसाय में निवेश बनाए रखेगी।
वर्तमान में HCCH में Coca-Cola की 60% हिस्सेदारी है। शेष 40% हिस्सेदारी 2025 में Jubilant Bhartia Group द्वारा खरीदी गई थी।
भारत में कितना बड़ा है Coca-Cola का कारोबार?
हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स की स्थापना 1997 में हुई थी। कंपनी भारत के 10 राज्यों में 14 बॉटलिंग प्लांट संचालित करती है और कई लोकप्रिय ब्रांडों का उत्पादन एवं वितरण करती है, जिनमें शामिल हैं:
- Coca-Cola
- Thums Up
- Sprite
- Fanta
₹5,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री
कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में उसके भारतीय बॉटलिंग कारोबार की बिक्री 50 अरब रुपये (लगभग ₹5,000 करोड़) तक पहुंच गई, जो हाल के वर्षों का सर्वाधिक स्तर है। यह दर्शाता है कि भारत Coca-Cola के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बन चुका है।
IPO का संभावित आकार कितना हो सकता है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस संभावित IPO में कंपनी लगभग 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,500-9,000 करोड़) जुटा सकती है। कुछ रिपोर्टों में बॉटलिंग कारोबार का संभावित मूल्यांकन 10 अरब डॉलर तक बताया गया है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी बनी वजह
भारतीय बाजार में Coca-Cola को अब कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। खासकर Campa Cola की वापसी और उसके विस्तार ने शीतल पेय बाजार में मुकाबला बढ़ा दिया है। ऐसे में IPO के जरिए कंपनी अपनी भारतीय मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह IPO?
यदि यह IPO आता है तो यह भारत के उपभोक्ता (Consumer) और FMCG सेक्टर के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। निवेशकों को पहली बार Coca-Cola के भारतीय बॉटलिंग कारोबार में सीधे निवेश का अवसर मिल सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी अंतिम समयसीमा, इश्यू साइज और हिस्सेदारी बिक्री की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
