गुजरात के मूंग किसानों के लिए बड़ी राहत: समर्थन मूल्य पर बिक्री हेतु 27 मई से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, मिलेगा ₹8,768 प्रति क्विंटल

गुजरात में ग्रीष्मकालीन मूंग (समर मूंग) की खेती करने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की खरीद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 27 मई 2026 से शुरू की जा रही है।

राज्य सरकार के अनुसार, किसान 10 जून 2026 तक यानी कुल 15 दिनों की अवधि में अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। यह पहल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और बाजार में कम कीमतों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए शुरू की गई है।

ई-ग्राम केंद्रों पर मुफ्त में होगा पंजीकरण

राज्य के सभी जिलों के किसान अपनी ग्राम पंचायत में स्थित ई-ग्राम केंद्रों पर जाकर वीसीई (Village Computer Entrepreneur) की सहायता से पूरी तरह नि:शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए किसानों की पहचान बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापित की जाएगी।

समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के इच्छुक किसानों के लिए “फार्मर रजिस्ट्रेशन” कराना अनिवार्य होगा। साथ ही किसान को अपनी कृषि भूमि के सभी सर्वे नंबर पंजीकरण में शामिल करने होंगे।

किसान दो तरीकों से कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

किसान स्वयं भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए वे:

  • पोर्टल: gjfr.agristack.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
  • गूगल प्ले स्टोर से “Farmer Registry Gujarat” मोबाइल ऐप डाउनलोड करके भी पंजीकरण कर सकते हैं।

इसके अलावा किसान निम्न माध्यमों से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं:

  • VCE ऑपरेटर
  • VLE ऑपरेटर
  • CSC सेंटर
  • ग्राम सेवक

पंजीकरण के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?

पंजीकरण के समय किसानों को निम्न दस्तावेज साथ रखने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • भूमि संबंधी सर्वे नंबर की जानकारी

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे सभी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें ताकि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए।

कितना मिलेगा समर्थन मूल्य?

भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,768 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

वर्तमान में बाजार में मूंग के दाम MSP से कम चल रहे हैं। ऐसे में किसान केंद्र सरकार की “प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान” (PM-AASHA) योजना के अंतर्गत अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचकर बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब बाजार भाव MSP से नीचे चला जाता है, तब किसानों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे समय में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों को सुरक्षा प्रदान करती है और उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करती है।

इस योजना का लाभ उठाकर गुजरात के मूंग उत्पादक किसान अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे और बाजार की अनिश्चितताओं से बच सकेंगे।

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