वैश्विक टेक्सटाइल उद्योग में तेजी से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब चीन जैसे बड़े बाजारों में टेक्सटाइल और फैशन उत्पादों की पहुंच केवल कीमत और गुणवत्ता पर नहीं, बल्कि “ग्रीन केमिस्ट्री” और पर्यावरणीय अनुपालन (Environmental Compliance) पर भी निर्भर होने लगी है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन और वैश्विक टेक्सटाइल बाजार अब ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें कम प्रदूषणकारी रसायनों और टिकाऊ उत्पादन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया हो।
हाल ही में जारी एक चीनी व्हाइट पेपर में कहा गया है कि लो-इम्पैक्ट केमिकल फॉर्मूलेशन और ग्रीन टेक्सटाइल केमिस्ट्री आने वाले समय में पूरी वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन को बदल देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, टिकाऊ और प्रमाणित उत्पादन अब केवल “ब्रांडिंग” का हिस्सा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एंट्री की अनिवार्य शर्त बनता जा रहा है।
टेक्सटाइल उद्योग लंबे समय से भारी जल उपयोग, जहरीले रंगों, केमिकल वेस्ट और प्रदूषण के लिए आलोचना झेलता रहा है। इसी कारण अब उद्योग में ग्रीन केमिस्ट्री आधारित तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। इनमें बायो-बेस्ड डाई, एंजाइम आधारित प्रोसेसिंग, कम पानी वाली डिजिटल प्रिंटिंग और नॉन-टॉक्सिक केमिकल्स का उपयोग शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केवल वही कंपनियां वैश्विक बाजार में टिक पाएंगी जो अपनी सप्लाई चेन में ट्रेसबिलिटी, कार्बन फुटप्रिंट डेटा और पर्यावरणीय प्रमाण प्रस्तुत कर सकेंगी। चीन, यूरोप और कई विकसित देश अब ग्रीन इम्पोर्ट रेगुलेशन और सस्टेनेबिलिटी लेबलिंग को तेजी से लागू कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेक्सटाइल उद्योग में “ग्रीन केमिस्ट्री” का मतलब केवल पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि उत्पादन लागत कम करना और लंबे समय में व्यापारिक स्थिरता बढ़ाना भी है। एंजाइम आधारित प्रोसेसिंग से पानी और ऊर्जा की खपत कम होती है, जबकि बायो-बेस्ड केमिकल्स से प्रदूषण घटता है।
भारत सहित कई विकासशील देशों के लिए यह बदलाव अवसर और चुनौती दोनों माना जा रहा है। भारत के पास कृषि अवशेष, टेक्सटाइल वेस्ट और ऑर्गेनिक फाइबर का बड़ा आधार है, लेकिन वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए उद्योग को अब टिकाऊ और प्रमाणित उत्पादन मॉडल अपनाने होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल निर्यात केवल कम लागत से तय नहीं होगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि कपड़ा कितनी “ग्रीन टेक्नोलॉजी” और पर्यावरण अनुकूल केमिकल्स से तैयार किया गया है। यही कारण है कि दुनिया भर की टेक्सटाइल कंपनियां अब सस्टेनेबल केमिस्ट्री और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश कर रही हैं।
