नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर के बीच भारत सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए बड़ी रणनीति तैयार की है। अब भारत केवल खाड़ी देशों पर निर्भर रहने के बजाय कई देशों से एलपीजी खरीदकर देश में सप्लाई बनाए रखने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य आने वाले महीनों में गैस सिलेंडर की कमी रोकना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने हाल के सप्ताहों में अमेरिका, रूस, नॉर्वे, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से अतिरिक्त LPG कार्गो बुक किए हैं। इन खेपों के जून और जुलाई तक भारत पहुंचने की संभावना है।
क्यों बदली गई खरीद नीति?
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। पहले यह आपूर्ति मुख्य रूप से यूएई, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आती थी। लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ने के बाद सरकार ने सप्लाई स्रोतों में विविधता लाने का फैसला किया है।
भारत को कितनी LPG चाहिए?
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर लगभग 46,000 टन प्रतिदिन तक पहुंचाया गया है, लेकिन शेष मांग पूरी करने के लिए आयात अभी भी जरूरी है।
आम जनता को क्या फायदा होगा?
नई रणनीति से देशभर के उपभोक्ताओं को कई फायदे मिल सकते हैं:
- गैस सिलेंडर की कमी की संभावना घटेगी
- समय पर डिलीवरी बनी रहेगी
- अचानक कीमतों में उछाल पर नियंत्रण संभव
- बड़े शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई संतुलित रहेगी
- त्योहार और गर्मियों के मौसम में मांग पूरी होगी
स्पॉट खरीद क्या है?
सरकार और तेल कंपनियां अब स्पॉट मार्केट से भी LPG खरीद रही हैं। यानी जहां जरूरत हो, वहां तुरंत उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय सप्लायर से गैस खरीदी जा सकती है। इससे संकट के समय तेज़ी से सप्लाई बढ़ाई जा सकती है।
क्या LPG सिलेंडर महंगा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और शिपिंग लागत के आधार पर भविष्य में दरों पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता फिलहाल सप्लाई बनाए रखना है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा कदम
ऊर्जा विश्लेषकों के अनुसार यह कदम दिखाता है कि भारत अब किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम करके मल्टी-सोर्स एनर्जी मॉडल अपना रहा है। इससे भविष्य के भू-राजनीतिक संकटों का असर कम किया जा सकेगा।
भारत की नई LPG खरीद रणनीति घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर है। कई देशों से गैस खरीदने की नीति से सप्लाई मजबूत होगी, संकट कम होगा और आने वाले समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत बनेगी।
