जिनेवा: दुनिया के सबसे दुर्लभ और कीमती हीरों में शामिल एक शानदार ब्लू-ग्रीन डायमंड जल्द ही स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में नीलामी के लिए पेश किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार इस अनोखे हीरे की अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके नीलामी में शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय ज्वेलरी बाजार में उत्साह बढ़ गया है।
यह दुर्लभ हीरा अपने खास रंग, शुद्धता और दुर्लभ संरचना के कारण दुनियाभर के कलेक्टर्स और निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक रूप से ब्लू-ग्रीन रंग वाले हीरे बेहद कम मिलते हैं, इसलिए इसकी मांग काफी ऊंची है।
क्यों खास है यह हीरा?
हीरे का ब्लू-ग्रीन शेड इसे आम सफेद या पीले हीरों से बिल्कुल अलग बनाता है। जेमोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह का रंग लाखों वर्षों में खास खनिज परिस्थितियों में बनता है। यही वजह है कि यह रत्न बेहद दुर्लभ श्रेणी में रखा जाता है।
जिनेवा क्यों है खास?
जिनेवा को दुनिया के सबसे बड़े लक्जरी ज्वेलरी ऑक्शन केंद्रों में गिना जाता है। यहां अक्सर अरबों रुपये के दुर्लभ हीरे, मोती और शाही आभूषणों की नीलामी होती है। कई विश्व रिकॉर्ड भी यहीं बने हैं।
निवेशकों की क्यों बढ़ी दिलचस्पी?
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में अल्ट्रा-रेयर डायमंड्स को सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है। अमीर निवेशक और कलेक्टर्स ऐसे रत्नों को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि समय के साथ इनकी कीमत बढ़ती है।
कौन खरीद सकता है?
इस नीलामी में दुनिया भर के:
- हाई नेटवर्थ निवेशक
- लग्जरी कलेक्टर्स
- इंटरनेशनल ज्वेलरी हाउस
- निजी संग्रहकर्ता
भाग ले सकते हैं।
क्या बन सकता है नया रिकॉर्ड?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बोली में प्रतिस्पर्धा तेज रही तो यह ब्लू-ग्रीन डायमंड अनुमानित कीमत से कहीं ज्यादा में बिक सकता है और नया रिकॉर्ड बना सकता है।
100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाला यह दुर्लभ ब्लू-ग्रीन डायमंड केवल एक रत्न नहीं, बल्कि निवेश, प्रतिष्ठा और दुर्लभता का प्रतीक बन चुका है। जिनेवा नीलामी पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
Image: The Ocean Dream. (Christie’s)
