भारतीय खेल प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर National Sports Governance Board Rules 2026 और National Sports Tribunal Rules 2026 को अधिसूचित कर दिया है।
इन नए नियमों के लागू होने के बाद देश के खेल संघों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और खेल प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी।
नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड रखेगा कड़ी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत एक शक्तिशाली National Sports Board का गठन किया जाएगा।
इस बोर्ड का मुख्य काम विभिन्न खेल संघों की मान्यता, प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय कार्यप्रणाली पर निगरानी रखना होगा।
अब तक खेल संघों पर वित्तीय गड़बड़ी, पक्षपात और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। नए नियमों के तहत बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि सभी खेल संस्थाएं तय नैतिक और वित्तीय मानकों का पालन करें।
यदि कोई खेल संघ नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
खिलाड़ियों को अदालतों के चक्कर से राहत
खिलाड़ियों और खेल संस्थाओं के बीच होने वाले विवादों के कारण अक्सर खिलाड़ियों का समय और करियर प्रभावित होता है।
इसी समस्या के समाधान के लिए National Sports Tribunal का गठन किया जाएगा।
यह ट्रिब्यूनल खेलों से जुड़े विवादों का स्वतंत्र, निष्पक्ष, तेज और कम खर्च में समाधान करेगा।
इससे खिलाड़ियों को बार-बार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और वे अपने प्रदर्शन पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
सरकार इस पूरी व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने जा रही है।
इसके लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिसके जरिए:
- मामलों की वर्चुअल सुनवाई हो सकेगी
- दस्तावेज ऑनलाइन जमा और सत्यापित किए जा सकेंगे
- ट्रिब्यूनल के आदेश और फैसले ऑनलाइन उपलब्ध होंगे
- खिलाड़ी देश के किसी भी हिस्से से प्रक्रिया को एक्सेस कर सकेंगे
सरकार का दावा
केंद्र सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से भारतीय खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही में बड़ा सुधार आएगा।
सरकार के अनुसार, विवाद समाधान प्रक्रिया आसान और डिजिटल होने से खिलाड़ी मानसिक दबाव से मुक्त होकर सिर्फ अपने खेल और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
