नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य संवैधानिक प्रावधानों के तहत बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस घटनाक्रम को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल भी मौजूद रहे। राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है और राष्ट्रीय हित के बजाय निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है।

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राघव चड्ढा ने क्या कहा?
राघव चड्ढा ने कहा,
“आम आदमी पार्टी, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी युवावस्था के 15 साल दिए, अब अपने मूल्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में हूं। इसलिए आज मैं पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के पास जा रहा हूं।”
उनके इस बयान ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक सियासी हलचल तेज कर दी है।

AAP ने पहले बदली थी जिम्मेदारी
इस महीने की शुरुआत में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी राघव चड्ढा से लेकर अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी थी। इसे लेकर राघव चड्ढा ने नाराजगी जताई थी और सवाल उठाया था कि जनहित के मुद्दे उठाने से पार्टी को क्या नुकसान हुआ।
केजरीवाल के करीबी माने जाते थे
राघव चड्ढा को लंबे समय तक अरविंद केजरीवाल का भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता रहा है। साल 2013 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान उनकी मुलाकात केजरीवाल से हुई थी। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की थी।
AAP में शामिल होने के बाद वे पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और जल्द ही टीवी डिबेट्स में पार्टी का प्रमुख चेहरा बन गए।

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राजनीतिक सफर
- 2019 में दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, हार गए
- 2020 में दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से विधायक बने
- 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने
- AAP की पंजाब जीत और गुजरात चुनाव रणनीति में अहम भूमिका निभाई
बीजेपी को क्या फायदा?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने से पार्टी को दिल्ली, पंजाब और युवा वोटरों में रणनीतिक फायदा मिल सकता है। वहीं AAP के लिए यह नेतृत्व संकट की तरह देखा जा रहा है।
AAP के लिए बड़ा झटका
राघव चड्ढा को AAP के सबसे पढ़े-लिखे, तेजतर्रार और राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले चेहरों में गिना जाता था। उनके जाने से पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति पर असर पड़ सकता है।
राघव चड्ढा का AAP छोड़कर बीजेपी में जाना भारतीय राजनीति की बड़ी खबर बन गई है। आने वाले दिनों में इसका असर दिल्ली, पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है।
