सस्ते डॉलर के लालच में व्यापारी से ₹18.65 लाख की लूट, कार में बैठाकर हाईवे पर फेंका

सूरत। गुजरात के सूरत शहर में विदेशी करेंसी एक्सचेंज के नाम पर एक व्यापारी से करीब ₹18.65 लाख की सनसनीखेज लूट का मामला सामने आया है। बदमाशों ने सस्ते दाम में अमेरिकी डॉलर देने का झांसा देकर व्यापारी को बुलाया और फिर कार में अगवा कर नकदी व विदेशी मुद्रा से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

व्हाट्सऐप मैसेज से रची गई पूरी साजिश

जानकारी के मुताबिक, रांदेर के सुथारवाड़ इलाके में रहने वाले 51 वर्षीय अब्दुल रहमान मोहम्मद हासिया धोडदोड रोड पर “सिक्योर वर्ल्ड सर्विसेज” नाम से फॉरेन करेंसी एक्सचेंज का कारोबार करते हैं।

15 मई को उन्हें व्हाट्सऐप पर एक मैसेज मिला, जिसमें सामने वाले ने 7,000 अमेरिकी डॉलर एक्सचेंज कराने की बात कही। आरोपी ने बाजार भाव से कम कीमत पर डॉलर देने का लालच दिया, जिससे व्यापारी उसके जाल में फंस गया।

जाल में फंसाकर कार में बैठाया

आरोपियों ने व्यापारी को जहांगीरपुरा स्थित लक्ष्मी नोवा रेसिडेंसी के पास बुलाया। वहां पहुंचते ही बदमाशों ने उन्हें लाल रंग की i20 कार में बैठा लिया।

व्यापारी के पास मौजूद बैग में ₹13 लाख नकद के अलावा ब्रिटिश पाउंड, यूरो, पैसे और रिंगिट जैसी विदेशी मुद्राएं भी थीं। कार में बैठते ही आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाया और व्यापारी से पैसों से भरा बैग छीन लिया।

हाईवे पर फेंककर फरार हुए आरोपी

लूट के बाद बदमाश कार को तेजी से हजीरा-सायण हाईवे की ओर ले गए। बाद में मलगामा गांव के पास सुनसान जगह पर व्यापारी को जबरन उतार दिया और फरार हो गए।

आरोपियों ने न तो डॉलर दिए और न ही बैग वापस किया। घटना के बाद व्यापारी ने अपने एक मित्र को फोन कर मदद मांगी और फिर जहांगीरपुरा पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

विदेशी मुद्रा समेत कुल ₹18.65 लाख की लूट

एसीपी मिलन मोदी के अनुसार, लूटी गई संपत्ति में—

  • ₹13,00,000 नकद
  • 3,200 ब्रिटिश पाउंड
  • 1,100 यूरो
  • 4,700 पैसे
  • 1,100 रिंगिट

शामिल हैं। कुल मिलाकर लूट की रकम ₹18.65 लाख से अधिक बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। साथ ही व्हाट्सऐप नंबर और लाल रंग की i20 कार के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो फॉरेन करेंसी ट्रेडर्स को निशाना बनाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है।

व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह

पुलिस ने विदेशी मुद्रा कारोबारियों और व्यापारियों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप के जरिए मिलने वाले अनजान ऑफर्स पर भरोसा न करें। किसी भी बड़े करेंसी लेनदेन से पहले पहचान और दस्तावेजों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।

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