राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली कि लोगों को हॉलीवुड फिल्मों जैसे दृश्य देखने को मिले। राज्य के कई जिलों, खासकर चूरू और श्रीगंगानगर में तेज़ धूल भरे बवंडर और आंधी ने करीब 30 मिनट तक कहर बरपाया। धूल के घने गुबार ने दिन को रात में बदल दिया और दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिससे सड़क यातायात और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक घटना के दौरान किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
दोपहर 2 बजे छा गया घना अंधेरा
शनिवार दोपहर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। चूरू और श्रीगंगानगर में करीब दोपहर 2 बजे आसमान में धूल और रेत का विशाल गुबार उठना शुरू हो गया।
कुछ ही मिनटों में धूल का इतना घना चक्रवात बन गया कि सूरज पूरी तरह छिप गया और चारों ओर अंधेरा छा गया। स्थिति ऐसी हो गई कि लोगों को दिन में ही रात जैसा एहसास होने लगा।
दृश्यता लगभग शून्य होने के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन रुक गए। कई वाहन चालकों को कुछ मीटर आगे तक देखने के लिए हेडलाइट्स का सहारा लेना पड़ा।
70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी
मौसम विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई सामान्य धूल भरी आंधी नहीं थी। इस दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
रेत और धूल की विशाल दीवार लगभग 30 मिनट तक लगातार आगे बढ़ती रही। तेज़ हवाओं और धूल के कारण लोग घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर अंदर रहने को मजबूर हो गए।
इस दौरान कई इलाकों में सामान्य गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं।
आंधी के बाद बरसे बादल, मिली राहत
धूल भरे इस भीषण तूफान के बाद मौसम ने एकदम अलग रूप दिखाया। आंधी शांत होते ही कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई।
आंधी और बारिश के संयुक्त प्रभाव से पिछले कई दिनों से 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा तापमान अचानक नीचे आ गया।
मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के कारण तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली।
मौसम विभाग का अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज़ हवाएं, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है।
