ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माता Happy Steels Limited के शेयरों ने मजबूत आईपीओ सब्सक्रिप्शन के बावजूद शेयर बाजार में उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं की। कंपनी के शेयर NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर अपने ₹66 के इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 3% प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुए, जिससे लिस्टिंग गेन की उम्मीद कर रहे निवेशकों को निराशा हाथ लगी।
72 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद भी फीकी लिस्टिंग
Happy Steels का SME IPO निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा था। आईपीओ को कुल मिलाकर 72 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया था। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII), खुदरा निवेशकों (Retail) और योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) तीनों श्रेणियों से जबरदस्त मांग देखने को मिली थी।
बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि शेयर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के अनुरूप करीब 15% प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध होगा, लेकिन वास्तविक लिस्टिंग इससे काफी कम रही।
निवेशकों की उम्मीदों पर फिरा पानी
IPO के दौरान मजबूत निवेशक भागीदारी और ऊंचे GMP को देखते हुए अधिकांश निवेशकों को बेहतर लिस्टिंग गेन की उम्मीद थी। हालांकि बाजार में लिस्टिंग के समय शेयर ने केवल मामूली बढ़त दर्ज की, जिससे अल्पकालिक निवेशकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।
कंपनी ने जुटाए ₹25 करोड़
Happy Steels ने अपने IPO के जरिए करीब ₹25 करोड़ जुटाए। यह पूरा इश्यू फ्रेश इक्विटी शेयरों का था।
IPO से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी निम्न कार्यों में करेगी:
- मौजूदा विनिर्माण इकाई के विस्तार के लिए नई मशीनरी खरीदना।
- कुछ ऋणों का भुगतान करना।
- सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करना।
क्या करती है Happy Steels?
पंजाब स्थित Happy Steels ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), रक्षा (Defence) और ऑफ-हाईवे सेक्टर के लिए ट्रांसमिशन और ड्राइवलाइन कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय OEM तथा टियर-1 सप्लायर्स को उत्पाद उपलब्ध कराती है।
लिस्टिंग कमजोर क्यों रही?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी IPO की मजबूत सब्सक्रिप्शन हमेशा शानदार लिस्टिंग की गारंटी नहीं होती। बाजार की समग्र धारणा, निवेशकों की मुनाफावसूली और लिस्टिंग के समय की परिस्थितियां भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। इस मामले में भी मजबूत मांग के बावजूद शेयर केवल सीमित प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ।
